
यूपी – गाजियाबाद। राजनगर श्री रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में कुंभकरण व मेघनाथ वध, सती सुलोचना और रावण के विशाल शिव पूजन के प्रसंगों का मंचन किया गया।

संजीवनी बूटी से लक्ष्मण के स्वस्थ होने पर रावण चिंतित हो जाता है। वह अपने भाई कुंभकरण को नींद से जगवाकर युद्ध के लिए भेजता है। कुंभकरण रावण को उसकी गलती का एहसास कराता है, लेकिन भाई के कहने पर युद्ध करता है और मारा जाता है। इसके बाद रावण अपने पुत्र मेघनाथ को युद्ध में भेजता है। युद्ध के दौरान लक्ष्मण मेघनाथ का वध कर देते हैं।
पति की मृत्यु का समाचार मिलने पर सुलोचना व्यथित हो जाती हैं। मेघनाथ की कटी हुई भुजा से घटना का सत्य जानने के बाद वह श्रीराम के शिविर पहुंचती हैं और अपने पति का शीश लेकर लौटती हैं। इसके बाद सुलोचना पति के साथ सती हो जाती हैं। पुत्र मेघनाथ की मृत्यु के बाद रावण विशाल शिव पूजन करता है।

इस अवसर पर समिति के संस्थापक सदस्य एवं संरक्षक जितेंद्र यादव (पूर्व विधायक), अध्यक्ष जय कुमार गुप्ता, महामंत्री दीपक मित्तल, कोषाध्यक्ष आरके शर्मा, मुख्य संयोजक राकेश मिश्रा, आरएन पांडेय, राजीव मोहन, विनीत शर्मा, एसएन अग्रवाल, अमरीश त्यागी, राजीव त्यागी, पार्षद प्रवीन चौधरी, सुभाष शर्मा, मुकेश मित्तल, विनोद गोयल, राजीव गुप्ता, जीपी अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, सौरभ गर्ग, मोतीलाल गर्ग, सुंदर लाल यादव, अनिल कुमार, आलोक मित्तल, मनीष वशिष्ठ, आकाश वशिष्ठ, मुकेश शर्मा, श्रीचंद चौहान, वीरेंद्र सारस्वत, गोल्डी सहगल, ओमप्रकाश भोला, विजय लुंबा, संजीव गुप्ता, आदित्य कौशिक, डॉ. आरके पोद्दार, डॉ. मधु पोद्दार, भूपेंद्र चित्तौड़िया, जय सिंह, गुरविंदर सिंह, गगनप्रीत और जितेंद्र रंधावा सहित राजनगर के कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

