Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
Final Ad
Screenshot_20251019_113536_OneDrive
screenshot_20260125_230217_gallery4476655999519321620.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

देवर्षि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह का आइटीएस कॉलेज में हुआ आयोजित

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद रविवार को मोहननगर स्थित आइटीएस कॉलेज के ऑडिटोरियम में विश्व संवाद केंद्र मेरठ के द्वारा गाजियाबाद में देवर्षि नारद जयंती एवं हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह आयोजित किया गया।

“देवर्षि नारद जयंती देवासी नारद जयंती व हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह” कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात विवेक द्वारा कार्यक्रम की प्रस्तावना से की गई। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि नूपुर जे शर्मा प्रमुख संपादक आपइंडिया, मुख्य वक्ता अनंत विजय एसोसियेट संपादक दैनिक जागरण व आशुतोष भटनागर निदेशक जम्मू-कश्मीर अध्ययन केन्द्र ने पत्रकारिता के विषय में व नारद जयंती के सम्मान में अपने विचार रखे। जिसमें उन्होंने चार प्रमुख स्तम्भों में से एक पत्रकारिता के साथ-साथ कई पहलुओं पर ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया।

नूपुर जे शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि जो बिंदास लिखते है उन सभी पत्रकारों को प्रताड़ित किया जाता है और यह उनका दुर्भाग्य है और इससे उनको बड़ी समस्या होती है। टीवी न्यूज चैनल के शर्मनाक एजेण्डा और पत्रकारों का पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग करना दुर्भाग्य का विषय है। जहां एक तरफ जिहाद के नाम उत्पाद करने वाले आरोपी को पीड़ित घोषित करने का प्रयास एवं उसपर रिपोर्टिंग होती, वहीं दूसरी तरफ पीड़ित व उनके परिजनों से सच्चाई व उनकी पीड़ा जानने का प्रयास भी नहीं होता। जो पत्रकार हिंदू पक्ष में लिखते हैं उनको प्रताड़ित किया जाता है। पत्रकारिता में सच को सच ही कहना चाहिए परंतु कुछ धर्म निरपेक्षता के कारण पत्रकार सच नहीं लिख पाते हैं। दिल्ली दंगा सहित कुछ अन्य घटनाक्रम का उदारहणों से समझाया। जिज्ञासा का समाधान करते हुए नूपुर जी ने कहा कि पत्रकारों को सच के साथ ही आगे बढ़ना चाहिए चाहें कोई भी विपत्ति क्यों न आए और इससे ही हम आगे बढ़ते है।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अनंत विजय ने अपने संबोधन में कहा कि पत्रकारिता में पारदर्शिता की समस्या केवल पत्रकारिता में ही नहीं बल्कि शिक्षा की भी समस्या है। आगे संबोधन में कहा कि जब किसी बात को समझ लेते है यो उसको ज्ञान कहते है और जब किसी बात को स्वीकार कर लेते है उसको विश्वास कहते है। पत्रकारों को इन्हीं दोनों रेखाओ में कार्य करते हुए आगे बढ़ना चाहिए। पत्रकार अभी के समय में शोध करने में थोड़ा संकोच करते है और प्राइमरी सूचना के स्रोत तक नहीं पहुँचते हैं। पत्रकारों को शोध पर ध्यान देना चाहिए और प्राइमरी स्रोत तक पहुँचना चाहिए।

नारद जयंती की महत्वता बताते हुए आशुतोष भटनागर ने कहा कि देवर्षि नारद कोई एक व्यक्ति नहीं ये एक उपाधि है, एक गुण और मूल्यों को मिलाकर कहें तो पत्रकारिता में सम्मानित देवर्षि नारद है। इन्हीं मूल्यों और गुण को सभी पत्रकार अपनाए और आगे बढ़ें। आज भी पत्रकारिता में एक बड़ा हिस्सा इन्ही मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है और निडरता से भ्रष्टाचार की सूचनाओं को प्रसारित कर रहे हैं।

पत्रकारिता से जुड़े बंधुओं और भगिनी के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में, वक्ताओं ने विभिन्न विषयों पर उनके सवालों का जवाब दिया। कार्यक्रम में मंच संचालन आशीष राय ने की व इसका समापन अखिलेश गाजियाबाद विभाग प्रचार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के पश्चात बहन मानसी के वंदेमातरम गायन से हुआ। कार्यक्रम में विभाग कार्यवाह देवेंद्र और व्यवस्था के बंधु करुण, अमित, वीरेंद्र, तुषार और अन्य बंधु उपस्थित रहें।