यूपी – गाजियाबाद कांग्रेस के पार्षद अजय शर्मा ने नगर निगम की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। जिसको लेकर उन्होंने मंगलवार को प्रेस वार्ता का आयोजन किया। प्रेसवार्ता के दौरान पार्षद अजय शर्मा ने कहा कि निगम में एक तरफ जहां टेंडर की प्रक्रिया के साथ छेड़छाड़ की जा रही है वहीं अपने चहेते ठेकेदारों को मनमर्जी चलाते हुए नियमों के विपरित टेंडर दिये जा रहे हैं।
अजय शर्मा ने एक तरफ जहां टेंडर प्रक्रिया को लेकर निगम अधिकारियों को घेरने का काम किया है वहीं उन्होंने सर्किल रेट के आधार पर बढ़ाये जाने वाले हाउस टैक्स का भी पुरजोर विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि आगामी दिनों में वह हाउस टैक्स के विरोध में साइकिल पर निगम के 100 वार्डों में घूमेंगे और जनता को जागरूक करने का काम करेंगे। प्रेसवार्ता में निगम पार्षद डाक्टर पवन गौतम समेत कई अन्य पार्षद प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
पार्षद अजय शर्मा ने बताया कि निर्माण विभाग के द्वारा 17 दिसंबर 2023 को नंदग्राम आश्रम रोड पर सडक निर्माण का 3 करोड 90 लाख रूपए राशि का टेंडर कुछ समाचार पत्रों
के माध्यम से निकाला गया, जबकि बाद में तकनीकि बिड में यही काम 2 करोड 90 लाख रूपए दशार्या गया। आम तौर पर यदि कोई गलती होती है तो टेंडर के रिकार्ड में सुधार किया जाता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। हैरत का पहलू ये है कि आंकाक्षा नामक फर्म के पक्ष में काम छोड दिया गया। उन्होंने कहा कि निगम के निर्माण विभाग के अधिकारियों के द्वारा चंद ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का खेल किया जा रहा है। उन्होंने बताया नगर निगम मुख्यालय के बेसमेंट में एक कंट्रोल रूम का निर्माण कराया जा रहा है। बिना टेंडर प्रक्रिया के ही उक्त का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। पहले निर्माण की लागत 9 लाख के आसपास दर्शायी गई थी जिसे बढ़ाकर अब 14 लाख 90 हजार रुपये कर दिया गया है। निगम में नियमावली की साफतौर पर अनदेखी की जा रही है। 24 जनवरी को टेंडर 14 लाख राशि
का निकाला गया, जबकि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही मौके पर काम कराया जा रहा है, जबकि इससे पूर्व यही काम का 9 लाख 90 हजार राशि का टेंडर निकाला गया था।
पार्षद अजय शर्मा ने बताया आरसीसी से नालों के निर्माण आरंभ करने से पहले उनके डिजाइन तैयार नहीं किए जाते, यहीं वजह है कि आए दिन नालों की दीवार गिरने की घटनाएं होती है। नालों के निर्माण के नाम पर भी बड़ी संख्या में धांधली की जा रही है। उन्होंने कहा कि हाउस टैक्स को शासनादेश की अनदेखी करते हुए लागू करने का काम किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जायेगा।






