श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय के 20 वें स्थापना दिवस पर 40 बटुको का यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न

यूपी – गाजियाबाद श्री दूधेश्वर महादेव मठ मन्दिर में स्थित श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की स्थापना के 20 वर्ष पूर्ण होने पर 40 बटुको का यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक प्राचीन परम्परा से सम्पन्न हुआ। महन्त नारायण गिरी महाराज श्री दूधेश्वर पीठाधीश्वर गाजियाबाद एवं अन्तर्राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अथक प्रयास से वेद विद्यालय निरन्तर पूरे भारत वर्ष मे आग्रणी रूप मे स्थापित हो रहा है।
विद्यालय में सचिव पवन मित्तल, प्राचार्य तोयराज उपाध्याय, मुकेश शुक्ल के पूर्ण प्रयास से 17 मई को विद्यालय के स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर हिमाचल प्रदेश, हरियणा, पंजाब, उत्तराखंड, विहार, नेपाल, उत्तर प्रदेश के करीब 40 बटुको का यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक प्राचीन परम्परा गत दूधेश्वर वेद विद्यालय मे महाराज छत्रपति शिवजी द्वारा स्थापित हवन कुंड मे सम्पन्न हुआ। 18 मई 2022 से वेद अध्ययन बटुको का प्रारम्भ होगा, क्योंकि इस वर्ष विद्यालय से 20 छात्र अपनी शिक्षा पू्र्ण कर चुके है इसलिए 40 नये विद्यार्थियों को भर्ती करके आज यज्ञोपवित संस्कार पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से सम्पन्न हुआ, जिसमे विद्यार्थियों ने पूज्य महाराज श्री से आशीर्वाद लेकर शिक्षा वेद अध्ययन प्रारम्भ किया।
दूधेश्वर वेद विद्यालय भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा मनित एवं वित्त पोषित है, वैदिक संस्कृति को जीवांत रखने के लिये पूज्य गुरूदेव का एक प्रयास है कि वेद गुरूकुल मे विद्यार्थियों को वेद संस्कृति व्यकारण ज्योतिष, पौरोहित्य की शिक्षा प्राप्त करके देश विदेश मे वैदिक सनातन धर्म की प्रसार प्रचार करे। वहीं दूधेश्वर वेद विद्यालय के छात्र देश विदेश में जाकर वैदिक संस्कृति की शिक्षा देकर धर्म के प्रति जागरूक कर रहे हैं। दूधेश्वर विद्यालय के संरक्षक संस्थापक अध्यक्ष महन्त नारायण गिरि महाराज की अध्यक्षता में 40 बच्चों का उपनयन संस्कार किया गया। महंत नारायण गिरी महाराज ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर सभी बच्चों को आशीर्वाद एवं वेद के बारे में समझाया। उपनयन में बच्चे एवं उनके माता पिता सभी सदस्यों को मिला के 400 लोग उपस्थित थे। पनवेल से पूर्वा बच्चों का पंचगव्य स्नान पंचगव्य स्नान कर्ण छेदन मुंडन संस्कार एवं गंगा स्नान किया गया। उसके बाद पंचांग पूजन बच्चों के द्वारा अग्नि क्रिया नूतन यज्ञोपवीत धारण एवं वेद आरंभ किया गया। कार्यक्रम के अंत में महाराज जी द्वारा सभी बच्चों के अभिभावक को आशीर्वाद स्वरुप फल भेंट किया गया एवं विद्यालय के सचिव पीके मित्तल के द्वारा कार्यक्रम को अंतिम रूपरेखा देकर विश्राम दिया गया।