Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
Final Ad
Screenshot_20251019_113536_OneDrive
screenshot_20260125_230217_gallery4476655999519321620.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मंदिरों में लगी झांकियां भक्तों ने की पूजा अर्चना

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

इस्कॉन मंदिर में अतिथियों का किया गया स्वागत

यूपी – गाजियाबाद श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व भारतीय परंपरा और संस्कृति के साथ बनाया गया। जन्माष्टमी के अवसर पर जहां लोगों ने उपवास रखकर पूजा अर्चना की वहीं घरों में लड्डू गोपाल को झूले में बैठ कर मंदिर को सजाया गया। इसके अलावा राजनगर स्थित इस्कॉन मंदिर सहित जनपद के विभिन्न मंदिरों में भी सजावट की गई तथा विभिन्न प्रकार की झांकियां मंदिर में लगाई गई।

शाम ढलते ही श्रद्धालुओं ने मंदिरों में जाकर भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की ओर झांकियों का आनंद लिया।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों को लाइट से जगमगाया गया था वही महानगर के विभिन्न मंदिरों में श्याम होते ही श्रद्धालुओं की दर्शन के लिए भीड़ लगने लगी।

जन्माष्टमी के अवसर पर राजनगर स्थित इस्कॉन मंदिर में प्रातः काल से ही पूजा अर्चना और भजनों का सिलसिला प्रारंभ हो गया था इस अवसर पर छप्पन भोग एवं महा आरती का आयोजन भी किया गया। भगवान श्री कृष्ण का पंचामृत से स्नान कराया गया। इस दौरान वृंदावन से आए भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण के भजनों से समा बांध दिया वहीं रात होते होते हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान मंदिर पहुंचे अतिथियों का मंदिर समिति एवं समाजसेवी संजीव गुप्ता के द्वारा पटका पहनकर और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया।

इसके अलावा मोहन नगर माता मंदिर में भी विभिन्न प्रकार की झांकियां सजाई गई थी जो श्रद्धालु के लिए आकर्षण का केंद्र रही। राजेंद्र नगर लाजपत नगर वसुंधरा वैशाली कौशांबी के विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना की। आरडीसी राज नगर स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर, कवि नगर सी ब्लॉक मंदिर, ठाकुरद्वारा मंदिर, दूधेश्वर नाथ प्राचीन मंदिर, दिल्ली गेट स्थित देवी मंदिर, रमते राम रोड स्थित रामघाट मंदिर में भी भक्तों ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना करते हुए विभिन्न प्रकार की झांकियां का आनंद लिया। रात्रि में 12:00 के बाद विशेष आरती मंदिरों में की गई तथा भगवान श्री कृष्ण को भोग लगाया गया तय पश्चात ही उपवास पूर्ण कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।