यूपी – गाजियाबाद महंत साध्वी कैलाश गिरि धर्म के साथ समाज सेवा व देश सेवा के कार्यो में भी सबसे आगे रहती हैं। लोगों के अंदर देशभक्ति का जज्बा पैदा करने के लिए वे हमेशा प्रयासरत रहती हैं। सीमा पर तैनात जवानों को वे हमेशा याद रखती हैं और रक्षाबंधन का पर्व हमेशा उनके साथ ही मनाती हैं। इस बार भी वे रक्षाबंधन का पर्व जवानों के साथ मनाने के लिए बार्डर पर गई हैं।
महंत कैलाश गिरि जवानों को अपनी बनाई राखी बांधती हैं और उनका आभार व्यक्त करती हैं। इस बार भी वे जवानों के लिए राखियां, मिठाई व उपहार लेकर गई हैं। महंत साध्वी कैलाश गिरि ने कहा कि देश के जवान अपने घर-पविार से दूर रहकर सीमा पर देश की रक्षा कर रहे हैं, जो भगवान की भक्ति से कम नहीं है। जवान हम सभी व देश की रक्षा के लिए दिन-रात, धूंप-छांव, गर्मी-सर्दी कुछ भी नहीं देखते हैं। ऐसी तपस्या कर पाना बहुत ही मुश्किल हैं। वे मां धन्य हैं, जिन्होंने ऐसे जवानों को पैदा किया, जो देश की रक्षा के लिए हर प्रकार की सुख-सुविधा का त्याग कर रहे हैं। हम सभी को उनसे प्रेरणा लेकर अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन उसी प्रकार करना चाहिए जिस प्रकार जवान कर रहे हैं।
महंत साध्वी कैलाश गिरि इस बार 16 वीं बार सीमा पर तैनात जवानों को राखी बांधने गई हैं। जवान उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। उन्हें देखते ही जवानों के चेहरे खिल उठे और उनके मुंह से यही निकला कि उनकी बहन उन्हें राखी बांधने आ गई है।







