भारतीय रिज़र्व बैंक ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से सम्बंधित विषयों पर टाउन हॉल मीटिंग का किया आयोजन

यूपी – गाजियाबाद 29 अगस्त को हिंदी भवन लोहिया नगर में भारतीय रिज़र्व बैंक, वित्तीय समावेशन और विकास विभाग, लखनऊ द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से सम्बंधित विषयों पर टाउन हॉल मीटिंग का आयोजन भारतीय रिज़र्व बैंक की महाप्रबंधक सोनाली दास की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन – आईआईए की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने प्रतिभाग किया। उक्त बैठक में विभिन्न बैंकों के मुख्य महाप्रबंधक वरिष्ठ अधिकारियों व जनपद के जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह, आईआईए के चेयरमैन राकेश अनेजा, उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान इत्यादि उपस्थित रहे।
आईआईए की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज सिंघल ने एमएसएमई से सम्बंधित विभिन्न समस्याएं/नीतिगत सुझाव बैठक में प्रस्तुत किए गए :-

समस्याएं :-

  1. यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया से संबंधित गाजियाबाद की एक इकाई को मार्च 2021 में No Due सर्टिफिकेट जारी करने के उपरांत अप्रैल 2021 में धनराशि रू0 2,87,346/- वसूल किए जाने की समस्या विषयक।
  2. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित – इकाई मेसर्स सविता बैकर्स से प्री-क्लोजर चार्ज वसूल किए जाने की समस्या विषयक।
  3. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से संबंधित – इकाई मेसर्स जय ईएसएस सडल्स प्रा0 लिमिटेड से ऋण राशी जमा करने के बावजूद बैंक द्वारा मूल लीज डीड रजिस्ट्री कागजात जारी ने करने की समस्या विषयक।
  4. इंडियन ओवरसीज बैंक से सम्बंधित – इकाई मैसर्स पावर ट्रांसफार्मर टेक्नोलॉजीज मेरठ को 2% ब्याज अनुदान योजना का लाभ नहीं दिए जाने की समस्या विषयक।
  5. एनबीएफसी – श्रीराम फाइनेंस से सम्बंधित – इकाई मेसर्स इंडियन केबल इंडस्ट्रीज से प्री-क्लोजर चार्ज के रूप में धनराशि 1 करोड़ 72 लाख रुपए वसूल किये जाने की समस्या विषयक।
  6. सकारात्मक वेतन प्रणाली की सीमा को 5 लाख से घटाकर 50000 करने के कारण लघु उद्योगों को होने वाली समस्या विषयक।

सुझाव :-

  1. साइबर फ्रॉड से सम्बंधित समस्याओं के समाधान हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं।

2.आरबीआई ओम्बड्समैन के अंतर्गत एमएसएमई विंग* बनाई जाए।

  1. जिला स्तर पर बैंकों की समस्याओं के समाधान हेतु जिला अग्रणी प्रबंधक को ओर एम्पोवेर किया जाए।
  2. एमएसएमई की समस्यायों के समाधान हेतु ज़िला एवं प्रदेश स्तर पर मासिक बैठक आयोजन किया जाए।
  3. एमएसएमई फ़ॉर क्लोजर चार्ज/प्री-क्लोजर चार्ज पर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
  4. जिस प्रकार एमएसएमई इकाइयों की सिबिल रेटिंग होती है, उसी प्रकार बैंकों की भी रेटिंग होनी चाहिए।

उक्त बिंदुओं पर भारतीय रिज़र्व बैंक की महाप्रबंधक महोदया ने आश्वस्त किया है कि शीघ्र ही उक्त बिंदुओं पर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बैठक का संचालन हिमांशु शेखर तिवारी, जिला अग्रणी प्रबंधक, अग्रणी बैंक कार्यालय गाजियाबाद द्वारा किया गया।