यूपी – गाजियाबाद नेहरू नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में मातृ सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें शिशु वाटिका कक्षा नर्सरी से कक्षा प्रथम तक के अभिभावक माताओं को बुलाया गया था। मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य रेखा शर्मा ने नई शिक्षा नीति के अंतर्गत छात्रों को खेल-खेल में किस प्रकार से शिक्षा दी जाए उसको पीपीटी के माध्यम से अभिभावकों को समझाया। विद्यालय में प्रतिदिन कराए जाने वाली छोटी-छोटी एक्टिविटीज छात्रों में किसी ने किसी कौशल का निर्माण करती है इसको सभी माताओं को समझना होगा। जब तक छोटे बालक की मांसपेशियां सुदृढ़ नहीं होती तब तक उन्हें लेखन, पाठन आदि में रुचि नहीं आती। उन्होंने बताया नई शिक्षा नीति के अनुसार बाल केंद्रित शिक्षा को महत्व दिया गया है, उसी को धरातल पर लाने के लिए हमारा विद्यालय निरंतर प्रयास कर रहा है साथ-साथ अभिभावकों का भी योगदान चाहिए ।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत 3 वर्ष से 8 वर्ष की आयु वर्ग के छात्रों को खेल खेल में शिक्षा देने का प्रावधान है।
शिशु वाटिका प्रभारी धर्मवती अग्रवाल ने शिशु वाटिका के 12 आयामों पर विशेष चर्चा की। उन्होंने बताया कि घर पर छात्र अपनी माताओं के साथ अधिक समय व्यतीत करते हैं इसलिए माताओं को रसोई में, अपने घर में विभिन्न घरेलू वस्तुओं के माध्यम से गिनती, शब्द ज्ञान, अक्षर ज्ञान करा सकती हैं।
कार्यक्रम के बाद अभिभाविकाओं को छोटी-छोटी एक्टिविटी कराई गई जो उनके बच्चों को कराई जाती है। कक्षा नर्सरी के नन्हे-मुन्ने छात्रों ने भी अपने दो कार्यक्रम प्रस्तुत किये। मातृ सम्मेलन में अभिभावकों ने विद्यालय के द्वारा की जा रही नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन को सराहा। विद्यालय की सह व्यवस्थापिका रश्मि गोयल ने सभी माताओं का आभार प्रकट किया। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में रश्मि गोयल, सह व्यवस्थापिका तरुणा शर्मा, प्रेमलता, प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर कनौजा सम्मिलित हुई।
