सीडीओ ने जिला पोषण समिति, जिला निगरानी समिति एवं आंगनबाडी केंद्रों की ली बैठक

यूपी – गाजियाबाद कलक्ट्रेट के महात्मा गांधी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विक्रमादित्य सिंह मलिक की अध्यक्षता में जिला पोषण समिति एंव जिला निगरानी समिति तथा गोद लिए आदर्श आंगनबाडी केन्द्र की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी के बैठक में अनुपस्थिति के सम्बन्ध में रोष व्यक्त किया गया एवं आगामी माह के बैठक को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक एवं जिला पोषण समिति एंव जिला निगरानी समिति की बैठक को एक साथ ही कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

सीडीओ द्वारा आगामी माह की बैठक में सभी सम्बन्धित आधिकारियों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के लिए निर्देशित किया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बैठक में अपर मुख्य चिकित्ससाधिकारी को निर्देशित किया गया कि चिन्हित समस्त अतिकुपोषित एवं सैम बच्चों को यथा सम्भव एन0आर0सी0 में भर्ती कराया जाये। एन0आर0सी0 में शत-प्रतिशत बेड भरे होने चाहिए तथा शत-प्रतिशत बच्चे सुपोषित होने चाहिए। एन0आर0सी0 में भर्ती बच्चों के अभिभावकों हेतु समुचित मूलभूत सुविधाओं का ध्यान रखा जाये, जिससे अभिभावक आवश्यतानुसार समय तक एन0आर0सी में रहकर अपने बच्चे का पूरा इलाज करा सके। सीडीओ द्वारा बैठक में समीक्षा की गयी कि सैम बच्चों के चिन्हांकन एवं उपचार में क्या सुधार हुआ है, जिसमें ये संज्ञान में आया कि पूर्व माह बैठक में निर्देश दिये गये थे कि सैम बच्चों को आवश्यक 05 दवाईयाॅ (आयरन सीरप, एमोक्सीसिलीन, फोलिक एसिड, विटामिन ए एवं मल्टाविटामिन) ए0एन0एम0 के माध्यम से उपलब्ध करायी जानी थी, परन्तु शहर परियोजना के अतिरिक्त अन्य सभी परियोजना में उक्त निर्देशों का अनुपालन किया गया है जिस पर मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा रोष व्यक्त किया गया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया गया कि ससमय आवश्यक दवाईयों की आपूर्ति सुनिश्चित करायें साथ ही बाल विकास परियोजना अधिकारी शहर गाजियबाद को प्रभारी चिकित्साधिकारी से सम्पर्क कर सभी अतिकुपोषित बच्चों हेतु दवाईयों की आपूर्ति ससमय सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए गए कि एन0आर0सी0 में उचित प्रबन्धन हेतु केयर टेकर की नियुक्ति एवं एन0आर0सी0 में बेड खाली न रहने के सम्बन्ध में प्रभारी चिकित्साधिकारी को सैम बच्चों को रेफर करने हेतु निर्देशित करे तथा मासिक रूप से अपने स्तर से समीक्षा करे। ए0एन0एम0 के द्वारा सैम बच्चों की रिर्पोटिंग ई-कवच पर किये जाने हेतु निर्देशित किया गया जिसके संदर्भ में उनकी ट्रेनिंग यूनिसेफ के द्वारा पूरी की जा चुकी है। ई-कवच पोर्टल पर माह जनवरी, 2023 में 89 बच्चे फीड किये गये थें, सबसे खराब प्रर्दशन शहरी क्षेत्र की ए0एन0एम0 का रहा हैैै। अतः ई-कवच पर सभी सैम बच्चों की फीडिंग किये जाने हेतु निर्देश प्रदान किया गया। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा समस्त जिला स्तरीय अधिकारियो को निर्देशित किया गया कि गोद लिए आंगनबाडी केंद्रों का मासिक निरीक्षण करने के उपरान्त निरीक्षण आख्या जिला कार्यक्रम कार्यालय में उपलब्ध कराये। इसके साथ ही केन्द्र पर पोषाहार वितरण अपने समक्ष करायें। आंगनबाडी केन्द्रो के निरीक्षण के समय केन्द्र पर पायी गयी कमियों का यथा सम्भव अपने स्तर से समाधान कराना सुनिश्चित कराएं। आंगनबाडी केन्द्रो के सैम-मैम बच्चों को कुपोषण मुक्त कराने हेतु प्रयास करें। समस्त जिला स्तरीय अधिकारी अपने समक्ष पोषाहार आंगनबाडी केन्द्रो पर वितरण करायें। बैठक में जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, जिला दिव्यांगजन एवं सशक्तिकरण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, मण्डल समन्वयक पोषण अभियान गरिमा सिंह के साथ-साथ पोषण अभियान के सहयोगी विभागों तथा जिला निगरानी समिति के अधिकारी उपस्थित रहे।