यूपी – गाजियाबाद जहां एक तरफ प्रदेश और देश की जनता महंगाई की मार झेल रही है वही प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अभिभावकों के साथ लूट मचानी शुरू कर दी है। प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों से जबरन स्कूल से ही को कापी किताबें खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है जोकि मार्केट से अधिक कीमतों पर होती है।
समाजसेवी सुनील शर्मा ने बताया साहिबाबाद स्थित स्प्रिंगफील्ड पब्लिक स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ा रहे अभिभावकों का कहना है कि कोरोना के बाद आहिस्ता आहिस्ता आर्थिक स्थिति संभल रही है लेकिन जहां आए दिन बढ़ती महंगाई ने परेशान कर रखा है वही स्कूल में पूरी फीस जमा करने के बाद भी बच्चों को पढ़ने के लिए स्कूल से ही रजिस्टर खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अगर स्कूल के बाहर से रजिस्टर बच्चे खरीदेंते हैं तो वह स्कूल के अंदर नहीं स्तेमाल नही करने दिए जाते। जबकि स्कूल के अंदर मिल रहे 1500 सौ रुपए के 15 रजिस्टर की कीमत बाहर ₹30 रजिस्टर के हिसाब से ₹450 हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल संचालकों द्वारा स्टेशनरी ही नहीं स्कूल ड्रेस भी स्कूल के अंदर से ही खरीदने का अभिभावकों पर दबाव बनाया जाता है जोकि मार्केट से अधिक कीमतों पर होती है। अभिभावकों ने उत्तर प्रदेश सरकार व प्रशासन से मांग की कि ऐसे स्कूलों को चिन्हित कर उचित कार्रवाई करते हुए जनता को लूट से बचाने का काम करें।
