आईआईए गाजियाबाद चैप्टर की जनरल बैठक का हुआ सफल आयोजन

यूपी – गाजियाबाद गुरूवार को होटल फार्च्यून इन् ग्राजिया सैक्टर-23 संजय नगर में इण्डियन इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन  आईआईए गाजियाबाद चैप्टर की जनरल बैठक आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन नीरज राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में जनपद गाजियाबाद के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों से सम्बन्धित प्रकरणों एवं 30 सितम्बर 2022 तक प्राकृतिक ईधन (पीएनजी गैस) को औद्योगिक इकाईयों में उपयोग में लाए जाने हेतु राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के आदेश के सापेक्ष में किया गया।
बैठक के दौरान राकेश अनेजा सचिव गाजियाबाद चैप्टर द्वारा सभी उद्यमियों तथा अन्य एनसीआर के चैप्टरों से उपस्थित विभिन्न पदाधिकारियों का स्वागत किया। मनोज कुमार चेयरमैन आईआईए गाजियाबाद चैप्टर द्वारा औद्योगिक विकास के सापेक्ष में किए जा रहे प्रयासों के बारे में अवगत कराया गया। नीरज सिंघल द्वारा सभी सदस्यों से संगठन को ओर मजबूत करने का आह्नवान किया गया। बैठक के दौरान उपस्थित सदस्यों ने अपनी समस्याऐं एवं सुझाव आईआईए पदाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए, जिस पर आईआईए पदाधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सम्बन्धित विभाग एवं उच्च स्तर पर रखकर समाधान का प्रयास किया जायेगा। इसके अलावा एनसीआर के उद्योगों के समक्ष सबसे महत्वपूर्ण समस्या पर चर्चा की गई। चर्चा में एनसीआर के विभिन्न चैप्टरों – मेरठ चैप्टर से अनुराग अग्रवाल मण्डलाध्यक्ष, सुमनेश अग्रवाल चेयमरैन, मोदीनगर चैप्टर से मुकेश गर्ग चेयरमैन, ग्रेटर नोएडा से विशारद गौतम चेयरमैन, हापुड़ चैप्टर से राजेन्द्र गुप्ता चेयरमैन के अलावा रेखा शर्मा चेयरपर्सन आईएसी, आईआईए उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि एनसीआर में स्थित सभी उद्योगों को दिनांक 30.09.2022 तक प्राकृतिक गैस से उद्योगों का संचालन किए जाने तथा ऐसा न किए जाने की दशा में उन्हें बन्द किए जाने सम्बन्धी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र-एनसीआर एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबन्धन आयोग के दिनांक 04.02.2022 के आदेश हैं, जिस पर संयुक्त रूप से आवश्यक साक्ष्यों के साथ सरकार एवं आयोग के सापेक्ष अपना पक्ष रखने जाने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान निर्णय लिया गया कि संयुक्त रूप से उ0प्र0 राज्य सरकार को पीएनजी पर लगने वाले वैट को समाप्त किए जाने अनुरोध किया जाए। इसके अलावा केन्द्र सरकार को पीएनजी को जीएसटी प्रणाली के तहत लाए जाने हेतु पत्र प्रेषित किया जाए तथा राज्य सरकार को तकनीकि उन्नयन योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली छूट के अन्तर्गत पीएनजी इन्फ्रास्ट्रेक्चर को सम्मलित किए जाने हेतु अनुरोध पत्र प्रस्तुत किया जाए, ताकि एनसीआर का एमएसएमई वर्ग उद्योगों का संचालन कोविड काल एवं प्रतिस्पर्धा के इस दौर में कर सके। अन्यथा एनसीआर में स्थापित 2 लाख से अधिक एमएसएमई उद्यमों के अलावा कई लाख जनमानस बेरोजगार होगा।