छत्तीसगढ़ – रायपुर में 3 दिवसीय अखिल भारतीय महापौर परिषद सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें गाजियाबाद महापौर आशा शर्मा के साथ पूरे भारत से लगभग 52 महापौरगण उपस्थित हुए।
रायपुर में आयोजित सम्मेलन में सभी महापौरगणों का स्वागत छत्तीसगढ़ की संस्कृति के स्वरूप दिखा कर किया गया। इतने भव्य स्वागत को देश महापौरगण बहुत हर्षित हुए। इसी के साथ छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनसुइया उइके एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत के अनेको शहरों से आये महापौरगणों को भोजन पर आमंत्रित किया और सभी का सम्मान किया।
सोमवार को संध्या राजधानी रायपुर के प्रथम नागरिक नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर ने अखिल भारतीय महापौर परिषद के अध्यक्ष एवं आगरा के महापौर नवीन जैन, परिषद के महामंत्री एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मन्त्री उमाशंकर गुप्ता, निगम सभापति प्रमोद दुबे, राजधानी शहर रायपुर में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद के 51वें वार्षिक सम्मेलन में सम्मिलित होने आने वाले देश के भिन्न प्रदेशों के 52 विभिन्न नगरों के महापौरगणों को प्रथम दिवस के सम्मेलन के सत्र की समाप्ति के पश्चात नगर निगम रायपुर के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों सहित राजधानी शहर रायपुर की उत्कृष्ट परियोजनाओं तेलीबांधा तालाब, नगर पालिक निगम मुख्यालय महात्मा गाँधी सदन, जगन्नाथ राव दानी कन्या शाला, बूढ़ातालाब स्वामी विवेकानंद सरोवर, धन्वंतरि मेडिकल स्टोर आयुर्वेदिक कॉलेज के सामने, नालंदा परिसर, आईसीसीसी / आईटीएमएस मल्टी लेवल पार्किंग का स्थल भ्रमण करवाया। महापौर एजाज ढेबर द्वारा समस्त अतिथि महापौरगणों को राजधानी शहर की इन विभिन्न उत्कृष्ट परियोजनाओं की संक्षिप्त जानकारी उनकी लोक उपयोगिता की दृष्टि से दी गयी। सभी अतिथि महापौरगणों द्वारा समस्त उत्कृष्ट परियोजनाओं को प्रत्यक्ष अवलोकन करने के दौरान सराहा गया।
परिषद की बैठक में किस प्रकार से शहर के विकास को बढ़ावा दिया जा सके, किस प्रकास योजनाओं को धरातल पर लाया जा सके, नगर निगम की आय के स्तोत्र कैसे बढ़े, नगर निगम द्वारा जनता को ओर क्या सुविधाए दी जा सकती है और किन किन नई तकनीक के माध्यम से शहर को स्मार्ट बनाया जा सके से संबंधित चर्चा हुई जिसमें गाजियाबाद महापौर आशा शर्मा ने अपने शहर में नई तकनीक का विस्तार से उल्लेख्य किया जैसे गार्बेज फैक्टरी, कचरे की बिक्री, वेस्ट टू एनर्जी, डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण, प्लास्टिक टूरिज्म, तालाबो का जीर्णोद्धार, मियावाकी पद्धति से वृक्षारोपण, गोबर से अन्य वस्तुओं का बनाया जाना एवं स्पोर्ट्स इकोसिस्टम पर प्रकाश डाला जिससे अन्य शहर भी गाजियाबाद नगर निगम के जैसा कुछ कर सकें।
