यूपी – गाजियाबाद। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया गया है। भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “सबको शिक्षा, समान शिक्षा” नीति के तहत किए गए सुधारों से अभिभावकों और निजी विद्यालयों को बड़ी राहत मिली है।
स्थानीय स्तर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओ.पी. यादव के नेतृत्व में तकनीकी प्रबंधन को मजबूत किया गया, जिसके चलते प्रत्येक विद्यालय को उसकी क्षमता और संसाधनों के अनुरूप छात्रों की सूची उपलब्ध कराई गई। इससे पहले सामने आने वाली कई विसंगतियां इस बार दूर हो गईं और प्रवेश प्रक्रिया विवादमुक्त रही।
शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि नई व्यवस्था से अभिभावकों की भागदौड़ कम हुई है और निजी स्कूलों पर अतिरिक्त दबाव भी घटा है। डिजिटल और पारदर्शी प्रक्रिया के कारण आरटीई प्रवेश अब अधिक सुगम और प्रभावी बन गया है।
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा महानगर अध्यक्ष बलप्रीत सिंह ने प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीएसए ओ.पी. यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह व्यवस्था शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत साबित होगी। उन्होंने बताया कि जनपद के विद्यालय संचालकों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए सरकार और शिक्षा विभाग का आभार व्यक्त किया है।








