यूपी – गाजियाबाद के संजय नगर सेक्टर-23 स्थित श्री आदर्श धार्मिक रामलीला कमेटी के लंबे समय से विवादित प्रशासनिक चुनाव मंगलवार को विकास भवन में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए। करीब दो वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद के बाद हुए चुनाव में वीरेंद्र बाबू वर्मा गुट ने सभी नौ पदों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर कमेटी पर पूर्ण वर्चस्व स्थापित कर लिया।

अध्यक्ष पद पर अशोक चांदीवाल, उपाध्यक्ष पद पर पवन शर्मा और महामंत्री पद पर अरुण शर्मा निर्वाचित घोषित किए गए। इसके अलावा के.के. शर्मा मंत्री, पुष्पेंद्र राघव संगठन मंत्री, योगेंद्र सिंह प्रचार मंत्री और रामेश्वर सिंह कार्यालय मंत्री चुने गए। विपक्ष की ओर से किसी भी पद पर नामांकन दाखिल नहीं किया गया, जिसके चलते निर्वाचन अधिकारी ने सभी प्रत्याशियों को निर्विरोध विजयी घोषित किया।

रामलीला कमेटी का मामला वर्ष 2024 से डिप्टी रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय में विचाराधीन था। सदस्यता और वैधानिक संचालन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। डिप्टी रजिस्ट्रार ने 19 सितंबर 2024 को जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया था। 21 वैध सदस्यों की सूची के आधार पर चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई गई।
वीरेंद्र बाबू वर्मा ने कहा कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा था और 16 सदस्यों का समर्थन उनके साथ रहा। नवनिर्वाचित अध्यक्ष अशोक चांदीवाल ने सभी को साथ लेकर पारदर्शिता के साथ काम करने का भरोसा दिया। महामंत्री अरुण शर्मा ने इसे संगठनात्मक व्यवस्था और संविधान की जीत बताया।
पूर्व नामित पार्षद कपिल वशिष्ठ और भाजपा कार्यकर्ता मनोज वर्मा की भूमिका भी अहम रही। दोनों ने पुराने दस्तावेज जुटाकर कानूनी प्रक्रिया में सहयोग किया। नई कार्यकारिणी अब रामलीला आयोजन और सामाजिक गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने पर फोकस करेगी।








