यूपी – गाजियाबाद। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट की ओर से स्वरूप पार्क जीटी रोड साहिबाबाद स्थित ज्ञानपीठ केंद्र में विपश्यना ध्यान विधि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी चिंतक एवं शिक्षाविद रामदुलार यादव ने की। कार्यक्रम में आचार्य जनार्दन शर्मा ने उपस्थित लोगों को विपश्यना ध्यान की विधि और उसके लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
आचार्य जनार्दन शर्मा ने प्रतिभागियों को सांस के आगमन और बहिर्गमन पर ध्यान केंद्रित करने की प्रक्रिया समझाई। करीब 30 मिनट तक सभी श्रद्धालु ध्यानमग्न रहे और आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया। प्रतिभागियों ने विपश्यना की विधि समझाने के लिए आचार्य का आभार जताया।
रामदुलार यादव ने कहा कि विपश्यना जीवन जीने की वैज्ञानिक कला है, जो व्यक्ति को अपने भीतर की सच्चाई समझने और मानसिक विकारों से मुक्त होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि यह विधि राग, द्वेष, ईर्ष्या, नफरत और अहंकार को समाप्त कर मानव को करुणा, प्रेम और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ाती है। उन्होंने बताया कि भगवान बुद्ध को भी विपश्यना के माध्यम से ज्ञान की अनुभूति हुई थी।
कार्यक्रम में भाई सिद्धार्थ, ब्रह्म प्रकाश, जगन्नाथ प्रसाद, अमृतलाल चौरसिया, मुनीम यादव, हरेंद्र यादव, विजय भाटी, एडवोकेट विनोद त्रिपाठी, श्रमिक नेता अनिल मिश्रा, कृष्णकांत सिंह, फूलचंद पटेल, राजेंद्र सिंह, हुकुम सिंह और हरि कृष्ण सहित कई लोग उपस्थित रहे।








