यूपी – गाजियाबाद। एक विवाहित महिला ने अपने पति आजाद, सास और देवर पर मिलीभगत कर संपत्ति हड़पने, मानसिक प्रताड़ना देने और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि उसने दिन-रात मेहनत कर पति का व्यापार खड़ा किया और दोनों ने मिलकर घर खरीदा, लेकिन विरोध करने पर उसे साजिश के तहत घर से बेदखल कर दिया गया।
महिला के अनुसार, उसका विवाह वर्ष 2014 में बुलंदशहर निवासी आजाद के साथ हुआ था। दोनों ने मिलकर चिरंजीव विहार स्थित मकान नंबर 241 खरीदा था। महिला का आरोप है कि जब उसे पति के अवैध संबंधों की जानकारी मिली और उसने विरोध किया, तो पति, सास और देवर ने मिलकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
महिला ने दावा किया कि आरोपियों ने उसकी बीमारी और डिप्रेशन का फायदा उठाते हुए उसे ऐसी दवाएं दीं, जिससे उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान उससे धोखे से कई कागजों पर हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान ले लिए गए, जबकि कुछ दस्तावेजों पर उसके फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये की संपत्ति अपने नाम करा ली गई। साथ ही उसका स्त्रीधन (गहने) भी हड़प लिया गया और बैंक खातों से जमा राशि निकाल ली गई।
महिला का कहना है कि बाद में साजिश के तहत उसे मायके भेज दिया गया और पति ने उस पर तलाक का मुकदमा भी दायर कर दिया, ताकि वह अपनी महिला मित्र के साथ रह सके।
पीड़िता ने पत्रकारों से अपील की है कि उसकी आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी संपत्ति, मेहनत की कमाई और स्त्रीधन उसे वापस दिलाया जाए।
महिला ने कहा, “मैंने दिन-रात मेहनत करके परिवार को संभाला, लेकिन बदले में मुझे धोखा मिला। मुझे न्याय चाहिए।”
इस संबंध में पीड़िता ने थाना नन्दग्राम प्रभारी को लिखित प्रार्थना पत्र और साक्ष्य सौंप दिए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपी पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








