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मेवाड़ संस्थान में बुद्ध पूर्णिमा पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, विचारों से किया प्रेरित

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यूपी – गाजियाबाद के वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के विवेकानंद सभागार में जयंती के अवसर पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भजन, कविताएं और प्रस्तुतियों के माध्यम से बुद्ध के जीवन और आदर्शों को याद किया।

संस्थान के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में दुख और सत्य की खोज ही बुद्ध के दर्शन का मूल है। उन्होंने बताया कि मन की इच्छाओं से ऊपर उठकर चलना ही परमानंद की प्राप्ति का मार्ग है। अष्टांग मार्ग के माध्यम से व्यक्ति अपने दुखों पर विजय पा सकता है।

निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल ने कहा कि बौद्ध धर्म मूलतः दर्शन है, जो बाद में धर्म के रूप में विकसित हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘बौद्ध चरित’ ग्रंथ पढ़ने की सलाह दी, जिससे जीवन के सत्य को समझा जा सके।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अशोक कुमार गदिया और डॉ. अलका अग्रवाल द्वारा मां शारदा, भारत माता और भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन से हुई।

इस अवसर पर श्रुति, अंशदीप, आशुतोष, कुलश्रेष्ठ, यथार्थ और अनिरुद्ध ने प्रस्तुतियां दीं। संचालन सानिया खान ने किया। समारोह में फैकल्टी सदस्य और छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।