यूपी – गाजियाबाद। बढ़ती महंगाई से जूझ रही आम जनता को अब स्मार्ट मीटर की व्यवस्था ने और अधिक परेशान कर दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता सिकंदर यादव ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच सरकार द्वारा लगाए गए स्मार्ट मीटर लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गए हैं। उपभोक्ताओं को बार-बार अपना बैलेंस चेक करना पड़ रहा है और यह चिंता बनी रहती है कि कब बिजली कट जाए।
उन्होंने बताया कि कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि रात में बैलेंस पर्याप्त होने के बावजूद सुबह बिजली कटी मिलती है। कई बार रिचार्ज करने के बाद भी कनेक्शन चालू नहीं होता, क्योंकि सिस्टम सर्वर आधारित है और नेटवर्क धीमा होने पर काम नहीं करता। पहले जहां औसत बिजली बिल करीब पांच हजार रुपये आता था, वहीं अब आठ से नौ हजार रुपये तक पहुंच रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।
सिकंदर यादव ने कहा कि विशेषज्ञों के अनुसार मीटर हर आधे घंटे में डेटा सर्वर पर भेजते हैं, जिससे तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। साथ ही, उन्होंने प्राइवेसी और रेडिएशन से जुड़े खतरे भी बताए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जनहित में स्मार्ट मीटर हटाकर पुराने मीटर बहाल किए जाएं, अन्यथा जनता में आक्रोश बढ़ सकता है।








