चंडीगढ़। सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय चिंतन शिविर का समापन व्यापक विचार-विमर्श और ठोस निष्कर्षों के साथ हुआ। समापन सत्र में देशभर से आए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण को गति देने पर चर्चा की।
शिविर का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना रहा। विभिन्न सत्रों में नीति निर्माण, क्रियान्वयन की चुनौतियों और सुधार के उपायों पर मंथन हुआ। तीसरे दिन ‘समावेशन, पहचान और एकीकरण’ विषय पर हुई चर्चा में वीरेंद्र कुमार, बी.एल. वर्मा और नारायण सिंह कुशवाहा ने अपने विचार रखे।
बैठक में स्माइल योजना और सीड योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया, ताकि ट्रांसजेंडर, भिक्षावृत्ति से जुड़े और अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि भीमराव अंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार इसी दिशा में कार्य कर रही है।
समापन सत्र में विभिन्न विभागों के समन्वय और निगरानी को आवश्यक बताते हुए सामाजिक न्याय को जमीनी स्तर तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया गया।








