यूपी – गाजियाबाद/लखनऊ। प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बाधित होने के चलते प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के जिलों में उद्योगों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बड़ी राहत दी है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी द्वारा जारी निर्देशों के तहत मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा), बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, शामली और मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निर्देशों के अनुसार, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), नई दिल्ली के पूर्व आदेश संख्या-65 (दिनांक 23 जून 2022) में अस्थायी शिथिलता प्रदान करते हुए उद्योगों, होटल, रेस्टोरेंट व अन्य प्रतिष्ठानों को प्राकृतिक गैस के स्थान पर हाई स्पीड डीजल (एचएसडी), बायोमास और रिफ्यूज्ड डेराइव्ड फ्यूल (आरडीएफ) के उपयोग की अनुमति दी गई है।
वैकल्पिक ईंधनों की सीमित उपलब्धता को देखते हुए कोयला और केरोसिन के प्रयोग को भी अस्थायी तौर पर मंजूरी दी गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के परामर्श के आधार पर यह छूट 13 मई 2026 तक या अगले आदेश तक लागू रहेगी।
सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं, ताकि औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियां बिना बाधा के संचालित होती रहें।





