यूपी – गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा डीएम सर्किल रेट के आधार पर प्रस्तावित गृहकर वृद्धि के विरोध में स्थानीय आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रतिनिधियों का कहना है कि यह वृद्धि “सलामी स्लाइसिंग” की तरह है, जिसमें पहले अधिक बढ़ोतरी कर विरोध के बाद आंशिक कमी दिखाकर जनता पर बोझ डाला जाता है। उनका तर्क है कि दरों में आंशिक कमी के बावजूद यह वृद्धि वास्तविक रूप से काफी अधिक है, जो स्वीकार्य नहीं है।
प्रतिनिधियों ने बताया कि नगर निगम सदन द्वारा 30 जून 2025 को पारित प्रस्ताव में गृहकर न बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों द्वारा भी बार-बार कर न बढ़ाने के आश्वासन दिए गए थे। बावजूद इसके 10 अप्रैल 2026 के शासनादेश में संशोधित दरों के साथ कर जमा करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसे उन्होंने अन्यायपूर्ण बताया।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने एक सप्ताह के भीतर आदेश वापस लेने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी न होने पर व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा।
इस संबंध में कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी (मुख्य संरक्षक), डॉ. पवन कौशिक (अध्यक्ष), डॉ. आर.के. आर्या (मुख्य सलाहकार), जय दीक्षित (महासचिव-ओ) और कैलाश चंद शर्मा (महासचिव-ई) ने संयुक्त रूप से अपनी आपत्ति दर्ज कराई।





