
यूपी – गाजियाबाद/साहिबाबाद। ज्ञानपीठ केंद्र-1, स्वरूप पार्क जीटी रोड स्थित परिसर में लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा महात्मा ज्योतिराव फूले की जयंती ‘सामाजिक एवं शैक्षणिक क्रांति दिवस’ के रूप में उत्साहपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित विद्वानों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके विचारों पर चलने का संकल्प लिया।
मुख्य वक्ता समाजवादी चिंतक एवं शिक्षाविद राम दुलार यादव ने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर ने महात्मा फूले को भगवान बुद्ध और संत कबीर के बाद तीसरा महान पथ-प्रदर्शक बताया है। उन्होंने सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक समानता के लिए संघर्ष करते हुए महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए शिक्षा के द्वार खोले तथा कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. देवकर्ण चौहान ने की, जबकि संचालन श्रमिक नेता अनिल मिश्र ने किया और आयोजन इंजीनियर धीरेन्द्र यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। राम प्यारे यादव, जगन्नाथ प्रसाद और कैलाश चन्द्र ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर राजेन्द्र सिंह और हुकुम सिंह ने गीत प्रस्तुत किए, वहीं विनोद त्रिपाठी ने ज्ञानपीठ संदेश सुनाया। कार्यक्रम में विश्वनाथ यादव, देवमन यादव, महेन्द्र यादव, फूलचंद पटेल, शम्भुनाथ जायसवाल, अमृत लाल चौरसिया, विनोद कुमार, ब्रह्म प्रकाश, मुनीव यादव, कृष्णानंद यादव, सम्राट सिंह, ओम प्रकाश अरोड़ा, शिवानंद चौबे, विजय भाटी एडवोकेट, डी.के. सिंह, ताहिर अली, विकास कुमार, अमर बहादुर, रोहित, हरिकृष्ण और प्रेमचंद पटेल सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।





