यूपी – गाजियाबाद। नेहरू वर्ल्ड स्कूल ने डिजिटल शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी वैश्विक पहचान मजबूत की है। विद्यालय को गूगल के ‘गूगल फॉर एजुकेशन रेफरेंस स्कूल’ के रूप में पुनः मान्यता प्रदान की गई है। यह सम्मान उन संस्थानों को दिया जाता है जो उन्नत शैक्षिक तकनीक, एआई आधारित साधनों और नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों का प्रभावी उपयोग करते हैं।
यह मान्यता विद्यालय की उस भूमिका को दर्शाती है, जिसमें वह गूगल के डिजिटल साधनों और एआई मंचों का आदर्श उपयोग कर अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए प्रेरणा बनता है। विद्यालय ने गूगल कार्यक्षेत्र, एआई आधारित जेमिनी और अन्य डिजिटल संसाधनों को शिक्षण में इस प्रकार शामिल किया है कि शिक्षा अधिक रोचक, सुलभ और प्रभावी बन सके। साथ ही विद्यार्थियों की प्रगति का विश्लेषण कर उन्हें उनकी आवश्यकता अनुसार मार्गदर्शन भी दिया जा रहा है।
विद्यालय के निदेशक डॉ अरुणाभ सिंह ने कहा कि तकनीक शिक्षकों का स्थान नहीं ले सकती, लेकिन इसका सही उपयोग करने वाले शिक्षक निश्चित रूप से आगे रहेंगे। उन्होंने कहा कि एआई और जेमिनी का उद्देश्य मानव बुद्धिमत्ता का विस्तार करना है, न कि उसका प्रतिस्थापन।
वहीं कार्यकारी प्रमुख सुसन होम्स ने बताया कि गूगल के डिजिटल साधनों ने शिक्षकों के कौशल विकास, सहयोगात्मक शिक्षण और विद्यार्थियों की सहभागिता को नई दिशा दी है।
1978 में स्थापित यह विद्यालय केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और कैम्ब्रिज बोर्ड से संबद्ध है तथा एनसीआर क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षा और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में अग्रणी संस्थानों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।





