
नई दिल्ली/लखनऊ। भारत में जनगणना 2027 की प्रक्रिया की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से हो गई है। पिछली जनगणना वर्ष 2010-11 में आयोजित की गई थी। इस बार जनगणना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा और इसे पहली बार पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में आयोजित किया जाएगा।
पहले चरण के तहत गृह सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन) 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 के बीच प्रत्येक राज्य में 30 दिनों की अवधि में कराया जाएगा। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना (पॉपुलेशन एन्यूमरेशन) पूरे देश में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक संपन्न होगी।
डिजिटल जनगणना के तहत नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भरने की सुविधा भी दी जाएगी। इस प्रक्रिया में परिवारों को एक यूनिक कोड मिलेगा, जिसे वे प्रगणक के साथ साझा कर सकेंगे।
उत्तर प्रदेश में गृह सूचीकरण का कार्य 22 मई से 20 जून 2026 तक किया जाएगा। वहीं स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा 7 मई से 21 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
सरकार ने इसे पारदर्शी, सटीक और आधुनिक बनाने के लिए तकनीक का व्यापक उपयोग करने का निर्णय लिया है, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार होगा।





