यूपी – गाजियाबाद। भाजपा नेताओं पर दुष्कर्म एवं महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर महिला कांग्रेस ने जिला कांग्रेस कार्यालय पर पत्रकार वार्ता आयोजित की। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष डॉली त्यागी ने किया।
डॉली त्यागी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा से जुड़े कई नेताओं के बयान और आरोप बेहद गंभीर हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि सुब्रमण्यम स्वामी और मधु किश्वर के बयानों के बावजूद सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उन्होंने गोवा में भाजपा पार्षद के बेटे पर नाबालिग बच्चियों के साथ दुष्कर्म और यौन उत्पीड़न के मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि तीन वर्षों तक मामला दबा रहा और परिवारों के सामने आने के बाद ही पॉक्सो एक्ट में कार्रवाई हुई। त्यागी ने आरोप लगाया कि देशभर में भाजपा नेताओं से जुड़े ऐसे मामलों में एक पैटर्न दिखाई देता है, जहां सत्ता के दबाव में कार्रवाई में देरी होती है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई सांसदों और विधायकों पर यौन उत्पीड़न के आरोप होने के बावजूद उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उत्तराखंड के अंकिता भंडारी प्रकरण, उन्नाव कांड, महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोप, हरियाणा के पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह का मामला और अन्य राज्यों की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
डॉली त्यागी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की नीतियां विफल साबित हो रही हैं। उन्होंने वाराणसी में बढ़ते महिला अपराधों का भी जिक्र किया।
पत्रकार वार्ता में सीमा नाजमीन और रुबी मलिक सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहीं।





