नई दिल्ली। मावलंकर हॉल में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी के नेतृत्व में जेडीयू के वरिष्ठ नेता रहे केसी त्यागी, उनके पुत्र अमरीश त्यागी तथा पूर्व मंत्री अशोक यादव ने रालोद की सदस्यता ग्रहण की।

केसी त्यागी लंबे समय से केंद्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनके अनुभव का लाभ पार्टी को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं अमरीश त्यागी के शामिल होने से युवाओं के बीच भी रालोद की पकड़ मजबूत होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केसी त्यागी के रालोद में आने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। करीब 26 वर्षों के राजनीतिक अनुभव के साथ उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
रालोद, जो परंपरागत रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक प्रभावशाली क्षेत्रीय दल रहा है, उसे अक्सर चुनावी जीत के लिए गठबंधन का सहारा लेना पड़ता रहा है। पार्टी की विरासत चौधरी चरण सिंह से शुरू होकर अजित सिंह और अब जयंत चौधरी तक पहुंची है, जिन्होंने जाट समुदाय के बीच मजबूत पकड़ बनाए रखी है।
वर्तमान में रालोद भाजपा के साथ गठबंधन में है और जयंत चौधरी केंद्र की भारत सरकार में मंत्री हैं। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 में रालोद और भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में केसी त्यागी की भूमिका अहम मानी जा रही है।
गठबंधन की स्थिति में रालोद की बढ़ती सक्रियता कई वर्तमान विधायकों और संभावित प्रत्याशियों के समीकरण भी बदल सकती है।





