यूपी – गाजियाबाद, लोनी तहसील के ग्राम मीरपुर में प्रस्तावित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) प्लांट को लेकर चल रहा ग्रामीणों का धरना प्रशासन और ग्राम प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने के बाद समाप्त हो गया। वर्ष 2012 में इस परियोजना के लिए भूमि चिन्हित की गई थी और वर्तमान में अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना भी कर दी गई है। स्थानीय लोगों की आशंकाओं को दूर करने के लिए 11 ग्राम प्रतिनिधियों और 12 अधिकारियों की संयुक्त पर्यावरणीय परीक्षण समिति का गठन किया गया है।
नगर आयुक्त से मुलाकात कर ग्रामवासियों ने ज्ञापन सौंपा, जिसके बाद उनकी उपस्थिति में निगम अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समिति द्वारा सॉलिड वेस्ट प्लांट का पर्यावरणीय परीक्षण किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
समिति में प्रशासन और विभागों के प्रतिनिधियों के रूप में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, क्षेत्रीय अधिकारी यूपीपीसीबी, उप जिलाधिकारी लोनी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका लोनी, प्रतिनिधि यूपी सीडा, सचिव गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, मुख्य अभियंता गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, अपर नगर आयुक्त नगर निगम गाजियाबाद, मुख्य अभियंता नगर निगम गाजियाबाद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी और अधिशासी अभियंता (प्रकाश) नगर निगम गाजियाबाद शामिल किए गए हैं।
ग्राम प्रतिनिधियों में रविंद्र त्यागी, मास्टर महेंद्र सिंह त्यागी, रविंद्र मंडार, पवन मंडार, मोनू त्यागी, चेतन त्यागी, दीपक त्यागी, लीलू त्यागी, मोहम्मद इरशाद, विपिन कुमार बिल्लू और प्रवीण मलिक को समिति में शामिल किया गया है।





