यूपी – लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण के लिए योजनाबद्ध और परिणामोन्मुखी ढंग से कार्य कर रही है। इसी क्रम में सचिवालय स्थित नवीन भवन में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा बैठक राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ पहुंचे और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने इन विश्वविद्यालयों में रिक्त शिक्षकीय पदों को शीघ्र भरने तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाकर दिव्यांग छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी देने पर जोर दिया।
समीक्षा में बताया गया कि दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान योजना के तहत अब तक 11,98,725 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए हैं, जबकि कुष्ठावस्था पेंशन योजना में 13,395 लाभार्थियों को सहायता दी गई है। कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत 22,672 दिव्यांगजनों को 26,830 उपकरण वितरित किए गए हैं।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की योजनाओं में शादी अनुदान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 94,040 लाभार्थियों को 188.08 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से दी गई। वहीं छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के तहत 25,98,344 छात्रों को 1586.59 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।





