यूपी – गाजियाबाद। हिंदी भवन में संस्कार उपवन परिवार के तत्वावधान में चल रहे पांच दिवसीय श्री भक्तमाल जयंती उत्सव के दूसरे दिन भी भक्तिमय वातावरण बना रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए संतों की अमृतमयी वाणी सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

कार्यक्रम में ब्रजवासी संत अनुराग कृष्ण शास्त्री, मृदुल कांत शास्त्री वृन्दावन, श्री दुधेश्वर नाथ मंदिर गाजियाबाद के महंत महंत नारायण गिरी, तथा श्री आदिजगद्गुरु शंकराचार्य महासंस्थान सुमेरुमठ काशी के खामीनरेन्द्रानन्द सरस्वती सहित हापुड़ से आए महावीर भैया का सान्निध्य प्राप्त हुआ। मुख्य यजमान राम अवतार जिंदल और अनिल गर्ग ने सभी संतों का माला और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया।
संस्कार उपवन के संस्थापक नवनीतप्रिय दास ने भक्तमाल के प्रेरक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि मनुष्य को अपने कर्मों के अनुसार ही फल प्राप्त होता है। उन्होंने संतों के जीवन से सनातन संस्कृति के मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया।

संत अनुराग कृष्ण शास्त्री ने अपने मधुर भजनों से माहौल को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। उनका भजन “कन्हैया के एक रोज रोकर पुकारा, कहा उनसे जैसा हूं अब हूं तुम्हारा” सुनकर श्रद्धालु झूम उठे।
कार्यक्रम में प्रदीप कुमार, शरद अग्रवाल, अनुराग गोयल, विनीत माहेश्वरी, रामनिवास बंसल, वेद प्रकाश बंसल, मुकेश कुमार, अतुल गुप्ता, आशीष सिंघल, मुकेश गोयल, विवेक गोयल, सीमा गोयल, राजकुमार सिंघल, संजय अग्रवाल, शशि श्रीवास्तव और भानु शिसौदिया सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।





