यूपी – गाजियाबाद। उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की नीतियों के विरोध में विभिन्न क्षत्रिय संगठनों ने संयुक्त रूप से विरोध दर्ज कराते हुए महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित किया। यह ज्ञापन अखिल भारतीय क्षत्रिय मंच, अखिल भारतीय क्षत्रिय सभा, मढ़ी राजपूत क्षत्रिय मंच तथा ऑल राजपूत ऑर्गेनाइजेशन को-ऑर्डिनेशन कमेटी के संयुक्त नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपा गया, जिसे आगे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि UGC द्वारा प्रस्तावित और लागू की जा रही कुछ नीतियां देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के भविष्य और शिक्षकों के हितों के लिए चिंताजनक हैं। इन निर्णयों से शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समान अवसर की व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका व्यक्त की गई है।
क्षत्रिय संगठनों के प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति से मांग की कि इस विषय में गंभीरता से संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को निर्देशित किया जाए कि UGC की विवादित नीतियों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए तथा शिक्षा से जुड़े सभी पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही नई नीति लागू की जाए।
अखिल भारतीय क्षत्रिय मंच के संयोजक ठाकुर रमेश सिंह राघव के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान ठाकुर अमर सिंह राठौर, एडवोकेट आई.वी.एस. राघव, एडवोकेट मनोहर सिंह, एडवोकेट वीरेश सिंह, एडवोकेट दिनेश सिंह, एडवोकेट एस.एस. चौहान, एडवोकेट एस.पी. राघव, एडवोकेट अनुराग, एडवोकेट उम्मेद सिंह, नरपाल सिंह चौहान, मनोज सिंह, मैनपाल सिंह, राजकुमार सिंह बैस, देव सिंह, नीता सिंह, योगेश कुमार सिंह, हरीश राजपूत, एस.पी. सिंह, विजेन्द्र सिंह और आर.सी. कुशवाहा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।





