यूपी – गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने बढ़े हुए संपत्ति कर को लेकर सरकार और नगर निगम प्रशासन पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हाल ही में मंत्रीगण, विधायकगण, महापौर और नगर निगम अधिकारियों की बैठक में संपत्ति कर को लेकर जनता के हित में उचित निर्णय लेने की बात कही गई है, जो गाजियाबाद की जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास है।
वीरेन्द्र यादव ने बयान में कहा कि जब संपत्ति कर में बेतहाशा वृद्धि की गई थी, तब सरकार के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने इसका विरोध क्यों नहीं किया। उन्होंने कहा कि जनपद गाजियाबाद में तीन इंजन की सरकार होने का दावा किया जाता है, ऐसे में अब इस मामले में विधिक राय लेने की बात करना हास्यास्पद प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या से लगभग छह लाख परिवार प्रभावित हैं। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों को सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी और बढ़े हुए कर को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार को अवगत कराना चाहिए था। लेकिन नगर निगम गाजियाबाद की ओर से जनता पर बढ़ाए गए कर का विरोध करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया।
वीरेन्द्र यादव ने कहा कि शासन, प्रशासन, महापौर और नगर निगम के 75 पार्षद भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं, इसलिए तत्काल बढ़े हुए संपत्ति कर को समाप्त कर गाजियाबाद की जनता को राहत प्रदान की जानी चाहिए।





