यूपी – गाजियाबाद। में महर्षि दयानंद जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने कहा कि प्राचीन एवं अर्वाचीन शिक्षा के समर्थक थे और युवाओं को भारतीय संस्कारों से जोड़ना चाहते थे। उन्होंने ‘’ पढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे आध्यात्मिक व आंतरिक विकास संभव है।

डॉ. गदिया ने बताया कि वर्ष 1875 में की स्थापना कर महर्षि दयानंद ने अंधविश्वास, कुरीतियों और वर्ण व्यवस्था के विरोध में अभियान चलाया तथा स्त्री शिक्षा पर बल दिया। निदेशिका डॉ. अलका अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को महापुरुषों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर कुरीतियों का समूल नाश करना चाहिए।

कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, भारत माता और महर्षि दयानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पण से हुई। विद्यार्थियों ने सरस्वती वंदना, भजन, समूहगान, भाषण, कविता, नाटिका और स्लोगन प्रस्तुत कर उनके जीवन व आदर्शों पर प्रकाश डाला। समारोह में शिक्षकों व विद्यार्थियों की सहभागिता रही।







