यूपी – गाजियाबाद। के चेयरमैन डॉ. बी.पी. त्यागी ने द्वारा प्रस्तुत बजट पर असंतोष जताते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रावधानों को अव्यावहारिक और जमीनी जरूरतों से दूर बताया। उन्होंने कहा कि 14 मेडिकल कॉलेजों के लिए 1023 करोड़ रुपये का प्रावधान वास्तविक लागत के अनुरूप नहीं है। उदाहरण देते हुए उन्होंने गाजियाबाद स्थित 200 बेड के यूनानी अस्पताल पर लगभग 381 करोड़ रुपये की लागत का उल्लेख किया और पूछा कि इतनी कम राशि में 14 मेडिकल कॉलेज कैसे बनेंगे।
डॉ. त्यागी ने “मुफ्त इलाज” के दावे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कमजोर ढांचा, स्टाफ की कमी और संसाधनों के अभाव में ऐसी घोषणाएं प्रभावी नहीं हो सकतीं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के मानकों का हवाला देते हुए कहा कि जीडीपी का कम से कम 2.5 प्रतिशत स्वास्थ्य पर खर्च होना चाहिए, जबकि वर्तमान प्रावधान इससे काफी कम हैं।
डॉ. बी.पी. त्यागी ने कहा कि प्रदेश को घोषणाओं के बजाय ठोस निवेश की जरूरत है, ताकि अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ कर आम जनता को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।







