यूपी – गाजियाबाद। यूजीसी एक्ट के विरोध में महाकाली डॉ. उदिता त्यागी द्वारा किए जा रहे अमरण अनशन को लेकर हर्ष ईएनटी हॉस्पिटल, गाजियाबाद के चेयरमैन एवं प्रख्यात ईएनटी सर्जन डॉ. बी. पी. त्यागी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इसे केवल एक कानून का विरोध नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक, सामाजिक और धार्मिक संरचना पर सीधा प्रहार बताया।
डॉ. बी. पी. त्यागी ने कहा कि महाकाली डॉ. उदिता त्यागी कई दिनों से अमरण अनशन पर बैठी हैं, लेकिन उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए अब तक गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है। यह प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति देश और समाज के लिए अपने प्राणों की बाजी लगाकर संघर्ष कर रहा हो, तब उसकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मेडिकल टीम द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण नहीं किया गया, तो यह मामला केवल चिकित्सा लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
डॉ. बी. पी. त्यागी ने सरकार से मांग की कि यूजीसी एक्ट को लेकर उठ रही जनभावनाओं को गंभीरता से सुना जाए, संवाद स्थापित किया जाए और आंदोलनरत लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का मूल अधिकार है और इसकी अनदेखी सामाजिक असंतोष को जन्म दे सकती है।







