यूपी – गाजियाबाद।
3 फरवरी को भारतीय किसान यूनियन और किसान संघर्ष समिति वेव सिटी की एक महत्वपूर्ण बैठक कलश मैरिज होम में आयोजित की गई। बैठक भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष विजेंद्र चौधरी के नेतृत्व में हुई। बैठक में फरवरी माह में प्रस्तावित पंचायत को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि 11 जनवरी को होने वाली पंचायत में राकेश टिकैत द्वारा यह चेतावनी दी गई थी कि फरवरी तक यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो एक बड़ी महापंचायत की जाएगी, जिसमें किसान अपनी भूमि पर ट्रैक्टर चलाकर खेत जोतेंगे।

बैठक में बताया गया कि अब तक वेव सिटी या जीडीए की ओर से किसानों से कोई वार्ता नहीं की गई है। विजेंद्र चौधरी ने कहा कि यदि दो से तीन दिन के भीतर कंपनी या जीडीए किसानों से बातचीत नहीं करता है तो जल्द ही पंचायत की तारीख घोषित कर क्षेत्र में इसकी तैयारी शुरू की जाएगी।
अनुज चौधरी ने कहा कि संघर्ष का मूल कारण वर्ष 2014 का समझौता है। सबसे पहले भूमिहीन किसानों की लड़ाई है और उन किसानों की भी, जिनकी जमीनों पर वेव सिटी द्वारा जबरन सड़कें बनाकर कब्जा किया गया और मुआवजा तक नहीं दिया गया। अमित चौधरी ने कहा कि कंपनी ने डीपीआर और 2014 के समझौते के आधार पर रोड और गोल चक्कर दिखाकर प्लॉट बेचे, लेकिन अब वही सड़कें खत्म की जा रही हैं।
टीकम नगर ने क्षेत्र को एकजुट होकर भू-माफिया से लड़ने का आह्वान किया। रूपम यादव ने कहा कि किसानों की जमीनों पर जबरन कब्जा किया जा रहा है और विरोध करने पर किसानों को जेल भेजा जा रहा है। बैठक में सतीश त्यागी, गुड्डू मुखिया, राजवीर चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, नवतेश चौधरी, कोमल चौधरी, राजा चौधरी, गजेंद्र फौजी, अमन प्रधान, मनोज, आनंद चौधरी, राजेंद्र चौधरी, प्रमोद चौधरी सहित किसान संघर्ष समिति की कमेटी और क्षेत्र के अनेक किसान उपस्थित रहे।







