यूपी – गाजियाबाद के हिंदी भवन में हिन्दू जागरण, सामाजिक समरसता और सनातन चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भाव हवन के साथ हुआ। सम्मेलन में जाति-पात से ऊपर उठकर हिन्दू समाज को एक सूत्र में बांधने और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया।
मुख्य उद्बोधन तपन, क्षेत्रीय सह प्रचार प्रमुख ने दिया। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा हिन्दुत्व में निहित है और जब तक समाज संगठित होकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि नहीं रखेगा, तब तक सशक्त भारत का निर्माण संभव नहीं है। उन्होंने हिन्दू एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रभक्ति को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया।
आशीर्वचन नवनीतप्रिय दास, संस्थापक संस्कार उपवन तथा अरविन्द ओझा, हनुमत कथा व्यास ने प्रदान किए। सम्मेलन आयोजन समिति के संरक्षक के रूप में रविंद्र गर्ग, सत्यपाल सिंह, राजकुमार त्यागी, राजेश गर्ग और अशोक बजाज उपस्थित रहे। अध्यक्ष जगबीर सिंह, सचिव प्रदीप गुप्ता रहे।
उपाध्यक्ष दीपक, हरी सिंह कर्दम, अरुण कक्कड़, रंजना, रामभूल, इन्द्रजीत सिंह, विनोद मैनी, संजय रैना और वेद प्रकाश सिंघल रहे। सहसचिव बलविंदर सिंह, अशोक गर्ग, दयाशंकर और मुकेश सैनी रहे। कोषाध्यक्ष मोहित और ब्रजमोहन रहे।
कार्यकारिणी सदस्यों में राजीव सोनी, संजीव गोयल, तोषिक कर्दम, अनिल, जितेन्द्र ओबराय, समुद्री देवी, जनक अरोड़ा, बबीता दादू, संजीव छाबड़ा, भगवान गोयल, नवीन कश्यप, राजकुमार, शोभा बंसल, संजय तितोरिया, योगेंद्र सहगल और सुनील त्यागी शामिल रहे। इस अवसर पर सिख गुरुओं के बलिदान और लव जिहाद विषय पर जागरूकता हेतु चित्र प्रदर्शनी भी लगाई गई। कार्यक्रम के समापन पर भोजन प्रसाद की व्यवस्था की गई।







