यूपी – कानपुर। 1 फरवरी को कानपुर नगर के केशवपुर में उत्तर प्रदेश के वाल्मीकि समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (उ.प्र.) के उपाध्यक्ष बब्बन रावत द्वारा किया गया। बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ वाल्मीकि समाज के समन्वय को और मजबूत करना रहा।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रांत प्रचारक रामजी भाई उपस्थित रहे। इसी अवसर पर संत शिरोमणि रविदास जयंती का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें संघ से जुड़े वाल्मीकि समाज के लोगों ने सहभागिता की। गुरु रविदास के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।
बैठक में वाल्मीकि समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को संघ के समक्ष रखा गया। प्रमुख मांगों में उत्तर प्रदेश में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन, विधान परिषद, राज्यसभा, मंत्रिमंडल और भारतीय जनता पार्टी संगठन में वाल्मीकि समाज को समुचित प्रतिनिधित्व देना शामिल रहा। साथ ही गंगू मेहता की आदमकद प्रतिमा कानपुर के बड़े व मच्छर चौराहे पर लगाए जाने की मांग उठी।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश व राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने, महिला सफाई कर्मचारियों का ड्यूटी समय सुबह 5 बजे के बजाय 8:30 बजे करने, तथा आंबेडकर बाल्मीकि योजना के तहत झोपड़ी में रहने वाले सफाई कर्मचारियों को दो कमरों का मकान दिए जाने की मांग रखी गई।
रामजी भाई ने कहा कि सरकार वाल्मीकि समाज के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन मांगों को शीघ्र सरकार के समक्ष रखा जाएगा। बैठक में अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा, उत्तर प्रदेश महादलित परिषद, महादलित संघ, स्थानीय निकाय सफाई मजदूर संघ और उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ सहित भाजपा के सहयोगी संगठनों की उपस्थिति रही।







