यूपी – गाजियाबाद। समाजवादी पार्टी गाजियाबाद के महानगर अध्यक्ष वीरेन्द्र यादव एडवोकेट ने 1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्र सरकार के बजट को निराशाजनक और जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के हितों की अनदेखी कर केवल कुछ पूंजीपतियों और खास वर्ग को खुश करने के उद्देश्य से बनाया गया है।
वीरेन्द्र यादव ने कहा कि मिडिल क्लास, नौकरीपेशा लोग, किसान, गरीब, ग्रामीण क्षेत्र और आमजन को इस बजट से कोई राहत नहीं मिली है। महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन उसे नियंत्रित करने के लिए बजट में कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है, बावजूद इसके इन अहम क्षेत्रों के लिए बजट में कोई प्रभावी प्रावधान नहीं रखा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई के इस दौर में टैक्स में कोई राहत न देना जनता के साथ टैक्स-शोषण है। अमीरों के कारोबार और सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की छूट दी गई हैं, जबकि बेरोजगारी से जूझ रहे युवाओं को एक बार फिर निराश किया गया है। युवाओं के लिए रोजगार सृजन की न कोई नई योजना लाई गई और न ही कोई ठोस प्रावधान किया गया।
वीरेन्द्र यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र की प्रमुख मांग, न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने को भी बजट में शामिल नहीं किया गया। यह बजट महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह असफल रहा है।







