
यूपी – गाजियाबाद। महानगर के दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर में विश्व हिंदू परिषद मेरठ प्रांत की दो दिवसीय प्रांत बैठक का शुभारंभ हुआ। बैठक का उद्घाटन जीवन ऋषि महाराज, संयुक्त महामंत्री विश्व हिंदू परिषद डॉ. सुरेंद्र जैन, दिनेश उपाध्याय केंद्रीय मंत्री, मुकेश विनायक खांडेकर क्षेत्र संगठन मंत्री, सुशील जैन प्रांत अध्यक्ष और राजकुमार डूंगर प्रांत मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रदेश का नाम बदलकर उत्तर प्रदेश किया गया। उत्तर प्रदेश का भारत के इतिहास में अनादि काल से महत्वपूर्ण योगदान रहा है और इसके बिना देश का इतिहास अधूरा है। उन्होंने प्रदेश के तीर्थ स्थलों, नदियों और पौराणिक स्थलों को भारत की सांस्कृतिक विरासत का आधार बताया।
डॉ. जैन ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन की शुरुआत मेरठ प्रांत से हुई, जो आगे चलकर विश्व का सबसे बड़ा जन आंदोलन बना। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद ने जिन कार्यों को हाथ में लिया, उन्हें अंतिम परिणाम तक पहुंचाया। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद हिंदू समाज में आत्मगौरव की भावना बढ़ी है और धार्मिक गतिविधियों में सहभागिता बढ़ी है।
उन्होंने राजस्थान की तरह पूरे देश में अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू करने, अनुच्छेद 29-30 पर पुनर्विचार और सार्वजनिक कार्यक्रमों में वंदेमातरम् के अनिवार्य गायन की मांग की।
बैठक में अरुण पाञ्चजन्य प्रांत संगठन मंत्री, अनुज वालिया क्षेत्र संयोजक बजरंग दल और यशपाल क्षेत्र धर्म प्रसार प्रमुख सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।







