Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
IMG-20260513-WA0012
Screenshot_20260515_103947_OneDrive
PlayPause
previous arrow
next arrow

अत्याचार–अन्याय मुक्ति दिवस के रूप में मनाई गई नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद। लोक शिक्षण अभियान ट्रस्ट द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती ज्ञानपीठ केंद्र–1, स्वरूप पार्क, जीटी रोड साहिबाबाद में अत्याचार–अन्याय मुक्ति दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन संस्था के संस्थापक/अध्यक्ष समाजवादी चिंतक राम दुलार यादव (शिक्षाविद) के नेतृत्व में हुआ। सभी उपस्थित साथियों ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके विचारों, देशभक्ति और संघर्ष से प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में पंडित विनोद त्रिपाठी ने ज्ञानपीठ संदेश का वाचन किया। राम प्यारे यादव, जगन्नाथ प्रसाद और सी.वी. मौर्य ने भी अपने विचार रखे। हुकुम सिंह और राजेंद्र सिंह ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर वातावरण को भावविभोर कर दिया, वहीं नारों से परिसर गूंज उठा।

अपने संबोधन में राम दुलार यादव ने कहा कि नेताजी अन्याय, अत्याचार और शोषण को गुलामी का मूल कारण मानते थे। उन्होंने आजाद हिंद फौज के माध्यम से युवाओं और बेटियों को संगठित होकर संघर्ष का आह्वान किया। उन्होंने वर्तमान हालात पर चिंता जताते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और बढ़ती असमानता पर सवाल उठाए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सम्राट सिंह यादव ने की। प्रमुख रूप से शामिल रहे—राम दुलार यादव, पंडित विनोद त्रिपाठी, राम प्यारे यादव, साहिल, सम्राट सिंह यादव, इंजीनियर धीरेन्द्र यादव, जगन्नाथ प्रसाद, रामेश्वर यादव, ब्रह्म प्रकाश, राजेंद्र सिंह, वीर सिंह सैन, हुकुम सिंह, झारखंडे गुप्ता, विजय भाटी एडवोकेट, ताहिर अली, सी.वी. मौर्य, मुनीव यादव, ओम प्रकाश अरोड़ा, प्रेम चंद पटेल, हरिकृष्ण, उमेश कुमार, विकास, उदय प्रताप, सुभाष यादव, अमर बहादुर सहित अनेक लोग मौजूद रहे।