यूपी – गाजियाबाद। वसुंधरा स्थित मेवाड़ ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों के प्रेरक भाषण, कविताएं और प्रस्तुतियों को खूब सराहना मिली। इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार गदिया ने स्वामी विवेकानंद को भारत के 65 करोड़ युवाओं का सशक्त प्रतिनिधि बताया।

डॉ. गदिया ने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वामी विवेकानंद द्वारा मद्रास में दिए गए “मेरी क्रांतिकारी योजना” विषयक भाषण को अवश्य पढ़ें, जिससे राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को समझा जा सके। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के छात्र जीवन, ईश्वर की खोज को लेकर उनकी गहन जिज्ञासा तथा श्रीरामकृष्ण परमहंस से उनके ऐतिहासिक मिलन का उल्लेख किया। साथ ही मां काली से जुड़े प्रसंग, गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत आध्यात्मिक ज्ञान के हस्तांतरण, शिकागो यात्रा और वहां दिए गए ऐतिहासिक भाषण के वैश्विक प्रभाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शिकागो से लौटने के बाद चेन्नई में दिए गए भाषणों और बंगाल में प्लेग पीड़ितों की निःस्वार्थ सेवा के माध्यम से स्वामी विवेकानंद ने “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा” का संदेश दिया।

कार्यक्रम में निदेशक डॉ. अलका अग्रवाल ने स्वामी विवेकानंद के मूल सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए सत्य, चरित्र निर्माण और राष्ट्र की प्रगति में समर्पित युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया।
इस अवसर पर निवेदिता, मानसी, तन्नू, शिप्रा, खुशबू, संध्या, अंशिका एवं समूह के अन्य विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम का संचालन आयुषी ने किया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।




