Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
Final Ad
Screenshot_20251019_113536_OneDrive
screenshot_20260125_230217_gallery4476655999519321620.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

11 प्रॉपर्टियों की नीलामी से जीडीए को 193.82 करोड़ की आय, शास्त्रीनगर में हॉकी स्टेडियम की सबसे ऊंची बोली

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा वर्ष 2025–26 की पहली नीलामी में प्राधिकरण की तिजोरी भर गई है। 11 प्रॉपर्टियों की नीलामी से जीडीए को कुल 193.82 करोड़ रुपये की आय हुई है। यह नीलामी 8 दिसंबर 2025 को लोहिया नगर स्थित हिन्दी भवन में आयोजित की गई, जिसमें आवासीय, व्यवसायिक और मिश्रित भू-उपयोग के भूखंड शामिल थे। नीलामी का आयोजन जीडीए उपाध्यक्ष नंदकिशोर कलाल के निर्देशन में किया गया।

नीलामी में बोलीदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और एक-एक भूखंड पर कई बोलीदाता नजर आए। इस वर्ष की पहली नीलामी में अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रतिसाद मिलने से प्राधिकरण को अच्छा राजस्व प्राप्त हुआ है।

मधुबन-बापूधाम आवासीय योजना के पॉकेट-ए में रिक्त पड़े ग्रुप हाउसिंग के सर्वाधिक आठ भूखंड नीलाम किए गए। इन आठ भूखंडों की कुल कीमत लगभग 173.86 करोड़ रुपये रही। ग्रुप हाउसिंग के 2382.30 वर्गमीटर के तीन भूखंड रिजर्व प्राइज 52,500 रुपये प्रति वर्गमीटर से बढ़कर 66,500 से 67,300 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से कुल 47.86 करोड़ रुपये में बिके। इसके अलावा 8875 वर्गमीटर का भूखंड 47.21 करोड़ और 8355 वर्गमीटर का भूखंड 44.24 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ।

इसी योजना में 1353 वर्गमीटर का कन्वीनिएंट शॉपिंग भूखंड 71.43 लाख रुपये, 1365 वर्गमीटर का व्यवसायिक भूखंड 10.78 करोड़ रुपये और 3190 वर्गमीटर का मिक्स लैंड यूज भूखंड 23.06 करोड़ रुपये में बिका।

इसके अतिरिक्त इंदिरापुरम विस्तार योजना के बी-ब्लॉक में 260 वर्गमीटर का व्यवसायिक भूखंड 11.50 करोड़ और 135 वर्गमीटर का भूखंड 23.33 करोड़ रुपये में नीलाम किया गया। वहीं शास्त्रीनगर योजना में हॉकी स्टेडियम की नीलामी में सबसे अधिक उत्साह दिखा, जहां रिजर्व प्राइज 3,99,300 रुपये से बढ़कर बोली 8,99,000 रुपये तक पहुंच गई।

जीडीए अधिकारियों के अनुसार आगे भी प्राधिकरण की योजनाओं के अंतर्गत रिक्त भूखंडों की नीलामी जारी रहेगी।