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अखिल भारतीय क्षत्रिय मंच का 20वां आत्म चिंतन शिविर संपन्न, सनातन धर्म की रक्षा के लिए एकजुट होने का आह्वान

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यूपी – गाजियाबाद। अखिल भारतीय क्षत्रिय मंच द्वारा आयोजित बीसवां आत्म चिंतन शिविर रविवार को करहेडा, मोहननगर स्थित मिल्टन एकेडमी में संपन्न हुआ। शिविर के मुख्य अतिथि सिद्धपीठ दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष नारायण गिरि महाराज रहे। संस्था की ओर से मुख्य अतिथि का जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

शिविर का विषय “वर्तमान परिप्रेक्ष्य में क्षत्रियों के लिए अवश्य करने योग्य कार्य” रहा। अपने उद्बोधन में नारायण गिरि महाराज ने कहा कि समाज और देश की रक्षा में क्षत्रियों की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। जब-जब धर्म, समाज और राष्ट्र पर संकट आया, क्षत्रियों ने उसका सामना कर विजय प्राप्त की और देश को संकट से उबारा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सनातन धर्म पर विभिन्न प्रकार के षड्यंत्र किए जा रहे हैं, ऐसे में सभी क्षत्रियों को संगठित होकर इन षड्यंत्रों को विफल करना होगा। सनातन धर्म आदि और अनंत है, इसे कभी नष्ट नहीं किया जा सकता।

चिंतन शिविर में प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रबुद्ध जनों की भूमिका, बच्चों को अच्छी शिक्षा व संस्कार कैसे दिए जाएं, क्षत्रिय युवाओं द्वारा स्टार्टअप प्रारंभ करने, सरकारी योजनाओं का लाभ समाज तक पहुंचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम में पूर्व न्यायाधीश लक्ष्मण सिंह सोलंकी, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर काउंसलर डॉ. ए. पी. सिंह तथा गढ़मुक्तेश्वर के पूर्व विधायक मदन चौहान सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

केन्द्रीय समिति के सक्रिय सदस्यों में राष्ट्रीय संयोजक रमेश सिंह राघव, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार गौड, राष्ट्रीय महासचिव हीरेंद्र राठौड, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष गंगा सिंह काठाडी, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष सत्यभान सिकरवार, उत्तर प्रदेश अध्यक्ष भागवती सिंह सहित विभिन्न प्रदेशों से आए समाज के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे। स्वागताध्यक्ष रामेश्वर सिंह निर्वाण एवं धर्मेंद्र निर्वाण ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।