यूपी – लखनऊ | 30 दिसंबर 2025 प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। विभागीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि ये दोनों संस्थान दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने छात्र संख्या बढ़ाने के लिए मंडल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही रिक्त शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र पूरी करने और निर्माण कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने पर जोर दिया।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा में मंत्री ने कहा कि योजनाओं की सफलता का वास्तविक पैमाना अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचना है। अधिकारियों को जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें करने और कमजोर प्रगति वाले जिलों में जिलाधिकारियों से समन्वय कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक शादी अनुदान योजना के अंतर्गत 72,690 लाभार्थियों और छात्रवृत्ति योजना के तहत 12,76,303 विद्यार्थियों को लाभ दिया जा चुका है।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 11,88,425 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन तथा 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन दी जा रही है। निःशुल्क बस यात्रा योजना के अंतर्गत 16,97,319 दिव्यांगजन और उनके सहयोगियों ने परिवहन सेवाओं का लाभ प्राप्त किया है।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानपूर्ण जीवन के लिए सक्षम बनाना है। बैठक में प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा, राज्य आयुक्त दिव्यांगजन हिमांशु शेखर झा, कुल सचिव शिशिर कुमार पांडे, निदेशक पिछड़ा वर्ग कल्याण वंदना वर्मा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।







