यूपी – गाजियाबाद में महिला स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर सामाजिक संस्था विजया स्वप्न फाउंडेशन ने एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल की। फाउंडेशन की संस्थापिका ममता शर्मा के नेतृत्व में मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर एक विशेष सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक मिथकों, भ्रांतियों और वर्जनाओं से मुक्त कर सही जानकारी और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।
गाजियाबाद में महिला स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर सामाजिक संस्था विजया स्वप्न फाउंडेशन ने एक सराहनीय और प्रेरणादायी पहल की। फाउंडेशन की संस्थापिका ममता शर्मा के नेतृत्व में मासिक धर्म स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषय पर एक विशेष सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म से जुड़े सामाजिक मिथकों, भ्रांतियों और वर्जनाओं से मुक्त कर सही जानकारी और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना रहा।

इस अवसर पर फाउंडेशन की ओर से 4000 सैनिटरी पैड का उपयोग कर 31.5 फीट लंबा और 26 फीट चौड़ा दुनिया का सबसे बड़ा सैनिटरी नैपकिन तैयार किया गया। यह विशाल सैनिटरी नैपकिन महिला स्वच्छता जागरूकता का प्रतीक बना और समाज को यह संदेश दिया कि मासिक धर्म शर्म नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा एक स्वाभाविक विषय है।
कार्यक्रम में विजया स्वप्न फाउंडेशन के सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी रही। मुख्य अतिथि के रूप में प्रिंसिपल आर्किटेक्ट शशि भूषण ढींगरा उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता शर्मा ने कहा कि मासिक धर्म को लेकर समाज में आज भी चुप्पी और झिझक बनी हुई है, जिसे तोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर महिला को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ मासिक धर्म प्रथाओं को अपनाने का अधिकार है और इसी दिशा में फाउंडेशन निरंतर कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, स्वास्थ्य देखभाल और सैनिटरी उत्पादों के सही उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। विजया स्वप्न फाउंडेशन की यह पहल महिला स्वास्थ्य, सम्मान और जागरूकता के क्षेत्र में एक मजबूत और सकारात्मक संदेश देने में सफल रही।







