यूपी – गाजियाबाद में 28 दिसंबर 2025 को सनातन धर्म रक्षा और राष्ट्र रक्षा के उद्देश्य से “समस्त सनातनी बंधुओं का दायित्व” विषय पर चर्चा कार्यक्रम ‘धर्मसंगम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राष्ट्रवादी विषयों पर विचार-विमर्श किया गया तथा कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
धर्मसंगम में वक्ताओं ने हिंदू, सिख, जैन सहित संपूर्ण सनातन समाज में एकजुटता लाने, जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद के आधार पर होने वाले विभाजन को रोकने पर जोर दिया। साथ ही मनुस्मृति को लेकर फैलाए जा रहे भ्रमों को दूर करने और धर्मांतरण रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई। वक्ताओं ने देश-विदेश, विशेष रूप से बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा उठाते हुए सरकार से कठोर कदम उठाने की मांग की।

कार्यक्रम में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि सनातन धर्मसंगम को राष्ट्रव्यापी स्वरूप दिया जाएगा। इसके अंतर्गत 23 दिसंबर 2026 को एनसीआर में “विराट सनातन धर्मसंगम” आयोजित किया जाएगा। इससे पहले देशभर में सनातन धर्मग्रंथों—श्रीमद्भगवद्गीता और रामचरितमानस—के मूल उद्देश्यों के प्रचार-प्रसार के लिए सम्मेलन किए जाएंगे।
चर्चा के दौरान वक्ताओं ने जनसंख्या नियंत्रण कानून, समान नागरिक संहिता, धार्मिक आधार पर होने वाले उत्पीड़न और पलायन जैसे विषयों पर भी अपने विचार रखे। साथ ही समाज के कमजोर वर्गों को सहयोग देने और सामाजिक समरसता बनाए रखने की बात कही गई।
कार्यक्रम में यति नरसिंहानंद सरस्वती, कर्नल तेजेंद्र पाल सिंह त्यागी, महेश कुमार आहुजा, डॉक्टर हरपाल सिंह, विनोद सर्वोदया, पिंकी चौधरी, साध्वी आस्था, विनय कक्कड़, डॉक्टर एस.पी. त्यागी, अनिल अरोड़ा, अरविंद भारद्वाज, सुभाष बजरंगी सहित अनेक वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।
धर्मसंगम में लगभग 200 सनातन राष्ट्रप्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ताओं का शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया गया और आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।







