यूपी – गाजियाबाद। सुभाष युवा मोर्चा संगठन द्वारा स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर स्मृति व्याख्यान का आयोजन 28 दिसम्बर 2025 को सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी (सुभास पार्टी) के पार्टी कार्यालय, पटेल नगर थर्ड, जगदीश नगर, गाजियाबाद में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाष चंद्र बोस तथा पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई।

इसके बाद “टूटते परिवार और बढ़ते वृद्ध आश्रम” विषय पर आयोजित व्याख्यान में वक्ताओं ने अपने विचार रखे। मुख्य वक्ता वीरेंद्र सिंह (प्राचार्य, जेएस हिंदू पीजी कॉलेज, अमरोहा) ने कहा कि परिवारों के छोटे होने से बुजुर्गों की देखभाल प्रभावित हो रही है। संयुक्त परिवार व्यवस्था के कमजोर होने के कारण बुजुर्गों को आवश्यक समय और सम्मान नहीं मिल पा रहा, जिससे उन्हें वृद्धाश्रम की ओर जाना पड़ रहा है।
पंच आस सेवार्थ समिति, गाजियाबाद के संचालक विजय सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वृद्धाश्रम में रहने वाले अधिकांश बुजुर्ग पारिवारिक उपेक्षा, बीमारी और मजबूरी के कारण वहां पहुंचे हैं। इनमें कई बुजुर्ग संपन्न परिवारों से भी आते हैं, लेकिन देखभाल के अभाव में उन्हें आश्रम का सहारा लेना पड़ा।

कार्यक्रम में स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव की धर्मपत्नी सुषमा श्रीवास्तव ने संगठन का आभार जताते हुए कहा कि उनके पति को स्मरण कर उनके कार्यों को सम्मान दिया गया, इसके लिए वह सुभाष युवा मोर्चा की आभारी हैं।
सुभाष युवा मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि बढ़ते वृद्धाश्रम समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने बताया कि वृद्धाश्रमों को सुचारू रूप से चलाने के लिए आर्थिक सहयोग आवश्यक है। इस अवसर पर संगठन की ओर से 11,000 रुपये तथा शैलेंद्र श्रीवास्तव द्वारा भी 11,000 रुपये की सहायता पंच आस सेवार्थ समिति के वृद्धाश्रम को प्रदान की गई। अन्य लोगों ने भी आर्थिक सहयोग दिया, जिसके लिए विजय सिंह ने संगठन का आभार व्यक्त किया।

मंच संचालन कर रहे सत्येंद्र यादव ने कहा कि सुभाषवादी भारतीय समाजवादी पार्टी की स्थापना 23 मार्च 2018 को हुई थी और स्वर्गीय अशोक श्रीवास्तव मृत्यु पर्यंत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उन्होंने पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और हर जरूरतमंद की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहे।
इस अवसर पर जेपी यादव, विनोद अकेला, अनिल सिंह, कैप्टन गोपाल सिंह, पीके सिंह, जेपी द्विवेदी, डीसी माथुर सहित अनेक वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व नागरिक उपस्थित रहे। अंत में राष्ट्रगान के साथ सभा का समापन हुआ।







