Screenshot_20221103-203604_YouTube
IMG-20230215-WA0382
a12
IMG-20230329-WA0101
Final Ad
Screenshot_20251019_113536_OneDrive
screenshot_20260125_230217_gallery4476655999519321620.jpg
PlayPause
previous arrow
next arrow

दशमेश वाटिका में वीर बाल दिवस पर दूध का लंगर आयोजित

Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on google
Share on linkedin

यूपी – गाजियाबाद, गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों के अद्वितीय बलिदान की स्मृति में वीर बाल दिवस के अवसर पर दशमेश वाटिका, साहिबाबाद में संगत द्वारा दूध का लंगर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता करते हुए साहिबज़ादों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए और उनके अमर बलिदान को नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि साहिबज़ादों का त्याग और साहस भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है, जिसने धर्म, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। उनका बलिदान आज की पीढ़ी को निस्वार्थ सेवा, देशभक्ति और नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देता है। दूध का लंगर लगाकर सेवा और समर्पण की उस परंपरा को आगे बढ़ाया गया, जो सिख धर्म की मूल भावना है।

लंगर सेवा में गुरप्रीत सिंह रम्मी, शरनजीत सिंह आनंद, गगन सिंह अरोड़ा, जसविंदर सिंह सन्नी, कंवलजीत सिंह सिक्का, मन्नी रियाड, अमृतपाल सिंह, कुलदीप सिंह, जोगेंद्र सिंह अरोड़ा, सरबजीत सिंह घई, गुरप्रीत सिंह, एस.पी. सिंह, राजेंद्र सिंह, जसविंदर सिंह और जगमोहन सिंह सहित अनेक सेवादार सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर संगत और आम नागरिकों को दूध का प्रसाद वितरित किया।

इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने साहिबज़ादों के बलिदान की स्मृति को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने के लिए वीर बाल दिवस घोषित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस पहल से नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास और महान बलिदानों से परिचित होने का अवसर मिलेगा।