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वीरांगना झलकारी बाई के बलिदान से सुरक्षित है भारत की अस्मिता: मंत्री नरेंद्र कश्यप

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यूपी – मुजफ्फरनगर। स्थानीय रुड़की रोड स्थित दीपक पैलेस में वीरांगना झलकारी बाई कोरी एकता मंच एवं समस्त कोरी/भुईयार समाज के संयुक्त तत्वावधान में महान स्वतंत्रता सेनानी वीरांगना झलकारी बाई की 195वीं जयंती के अवसर पर विशाल विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। “क्रांति की झलक–झलकारी” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप मुख्य अतिथि रहे।

गोष्ठी को संबोधित करते हुए मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि वीरांगना झलकारी बाई केवल किसी एक समाज की नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर हैं। जब-जब भारत की स्वतंत्रता का इतिहास लिखा जाएगा, झलकारी बाई का नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने जिस अद्वितीय साहस और वीरता के साथ अंग्रेजों का सामना किया तथा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के प्राणों की रक्षा करते हुए स्वयं बलिदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियों को झलकारी बाई के जीवन से आत्मबल, साहस और राष्ट्रभक्ति की सीख लेनी चाहिए।

मंत्री कश्यप ने समाज के विकास और सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान डबल इंजन सरकार झलकारी बाई के सपनों के भारत को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानते हुए गरीबी और पिछड़ेपन को परास्त करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वीरांगना झलकारी बाई, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संत शिरोमणि रविदास के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। मंत्री कश्यप ने कहा कि झलकारी बाई ने यह सिद्ध कर दिया कि वीरता किसी विशेष वर्ग या परिवार की बपौती नहीं होती।

विचार गोष्ठी में मुजफ्फरनगर सहित सहारनपुर, शामली, मेरठ, बिजनौर और बागपत से हजारों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए। मंच की ओर से मंत्री को गदा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राकेश कोरी, इंद्रजीत कोरी, राजपाल भुईयार, सुखबीर कोरी एडवोकेट, नीरज धानिया, रीता भुईयार, सुमेध भुईयार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।