
यूपी – गाजियाबाद, राष्ट्रीय संत गाडगे महाराज की 69वीं पुण्यतिथि 20 दिसंबर को संकल्प दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर राकेश मार्ग स्थित कार्यक्रम स्थल पर श्रद्धांजलि विचार गोष्ठी एवं भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संत गाडगे महाराज के सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक एवं स्वच्छता आंदोलन से जुड़े योगदानों को याद किया गया।
कार्यक्रम का संचालन चमन लाल दिवाकर ने किया जबकि अध्यक्षता श्रीचंद दिवाकर ने की। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनील चौधरी (एडवोकेट, पूर्व पार्षद) और नेता लज्जा यादव उपस्थित रहे। वक्ताओं ने संत गाडगे महाराज को सामाजिक क्रांति का अग्रदूत बताते हुए उनके विचारों को आज के समय में भी प्रासंगिक बताया।

सुनील चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि संतों की कोई जाति नहीं होती और उन्हें जाति के दायरे में बांधना संत-महात्माओं का अपमान है। संतों का आशीर्वाद सभी जाति और धर्म के लोगों के लिए समान होता है। उन्होंने कहा कि संत गाडगे महाराज ने महाराष्ट्र में समाज सेवा का जो कार्य प्रारंभ किया, वह आज पूरे देश में प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है। उनके अनुयायी उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। लज्जा यादव ने कहा कि संत गाडगे महाराज ने बीमारियों का मुख्य कारण स्वच्छता की कमी बताया और इसी सोच के साथ उन्होंने सफाई को एक अभियान का रूप दिया। उन्होंने स्वच्छता को जन आंदोलन बनाकर समाज को इसके महत्व से अवगत कराया।
अध्यक्षीय संबोधन में श्रीचंद दिवाकर ने संत गाडगे महाराज के जीवन से जुड़े ऐतिहासिक तथ्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1983 में संत गाडगे महाराज के 107वें जन्मदिवस पर महाराष्ट्र सरकार ने नागपुर विश्वविद्यालय का विभाजन कर संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय की स्थापना की। वहीं 1998 में उनकी 42वीं पुण्यतिथि पर भारत सरकार ने उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया। वर्ष 2001 में महाराष्ट्र सरकार ने ग्रामीण भारत स्वच्छता अभियान की शुरुआत की, जिसमें स्वच्छता में उत्कृष्ट कार्य करने वाले गांवों को सम्मानित किया जाता था। उन्होंने कहा कि संत गाडगे बाबा एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार और संस्था थे।
कार्यक्रम के समापन पर शीत लहर को देखते हुए जरूरतमंदों को रजाइयों का वितरण किया गया तथा भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर लज्जा यादव, राजबाला, भूप सिंह दिवाकर, चमन लाल, लखीराम, हर प्रसाद, ओमप्रकाश, विनोद कुमार, बिरजू, एमएल गुप्ता, रामजीलाल, महेश कुमार, सुभाष पाल, हर्षवर्धन, सूर्या, बाबूराम शर्मा, सुनील चौधरी, वीर सिंह जाटव, डीएस प्रिंस शर्मा, रवि शंकर, सूर्या, राकेश कुमार और हरपाल सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।







